US Midterm Elections : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चार साल के कार्यकाल के बीच 3 नवंबर को देश में मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं। इस चुनाव को ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। उपलब्ध जनमत सर्वेक्षणों में प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने संभावित राजनीतिक बदलाव से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।
डेमोक्रेट्स की जीत की संभावना के बीच व्हाइट हाउस सक्रिय
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ऐसी रणनीति तैयार कर रहा है, जिससे यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तब भी राष्ट्रपति के प्रमुख एजेंडे प्रभावित न हों। प्रशासन संभावित संसदीय जांच और राजनीतिक विरोध का सामना करने के साथ-साथ राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों के इस्तेमाल के विकल्प तलाश रहा है।

स्टीफन मिलर और रसेल वॉट संभाल रहे हैं रणनीति
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी और प्रशासन की योजनाओं से परिचित दो अन्य लोगों के मुताबिक, अप्रैल से डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर और बजट निदेशक रसेल वॉट समेत वरिष्ठ अधिकारी इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। वे व्हाइट हाउस के कानूनी सलाहकार कार्यालय के साथ मिलकर उन नीतिगत फैसलों की पहचान कर रहे हैं, जिन्हें कांग्रेस की नई मंजूरी के बिना लागू किया जा सकता है।

किन मुद्दों पर कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं ट्रंप?
प्रशासन की योजना में आव्रजन, व्यापार, सरकारी खर्च और आवास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीजा और अस्थायी विदेशी कर्मचारियों के नियम सख्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों का इस्तेमाल करके महत्वपूर्ण खनिजों और विंड टर्बाइन के आयात पर नए टैरिफ लगाने के विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं।
सरकारी बजट और आवास नीति में बदलाव की तैयारी
सरकारी खर्च के मामले में ट्रंप प्रशासन पहले से स्वीकृत बजट के प्रावधानों का इस्तेमाल अपनी प्राथमिकताओं के लिए करना चाहता है। इसमें सीमा दीवार और विशेष सरकारी इकाइयों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा आवास और निर्माण की लागत कम करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।

कानूनी सीमाओं और अदालतों की भूमिका पर भी नजर
व्हाइट हाउस के कानूनी सलाहकार विल शार्फ और उनकी टीम इस बात की समीक्षा कर रही है कि राष्ट्रपति किन मामलों में स्वतंत्र रूप से फैसले ले सकते हैं। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि कार्यकारी आदेशों की कानूनी सीमाएं कहां तक हैं और अदालतों में उन्हें किस आधार पर बचाव दिया जा सकता है।
कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की जीत से क्या बदलेगा?
यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस के किसी सदन या दोनों सदनों में बहुमत हासिल करते हैं, तो उन्हें ट्रंप प्रशासन की निगरानी और जांच करने की अधिक शक्ति मिल सकती है। वे नए कानूनों से जुड़े एजेंडे को प्रभावित करने और सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि राष्ट्रपति के पास व्यापार, विदेश नीति और सरकारी अधिकारियों से जुड़े कई कार्यकारी अधिकार बने रहेंगे।
प्रतिनिधि सभा और सीनेट में मुकाबला दिलचस्प
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के 218 और डेमोक्रेट्स के 214 सदस्य हैं। वहीं सीनेट में रिपब्लिकन के 53 और डेमोक्रेट्स के 47 सदस्य हैं। सर्वेक्षणों में प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स की संभावनाएं बेहतर दिखाई गई हैं, जबकि सीनेट का मुकाबला करीबी माना जा रहा है।
ट्रंप ने संभाला चुनाव प्रचार, प्रशासन की नजर 2027 पर
ट्रंप पिछले एक महीने से देशभर में चुनावी रैलियां कर रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वहीं उनके सहयोगी 2027 में संभावित बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के लिए तैयारी कर रहे हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने रिपब्लिकन सीटें घटने की आशंकाओं को खारिज किया है। प्रवक्ता लॉरेन बिस ने कहा कि प्रशासन सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अमेरिकी नागरिकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के एजेंडे पर काम जारी रखेगा।
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