US China Relations : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ अमेरिका के रिश्तों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के संबंध बहुत अच्छे होने जा रहे हैं और उनके पास कुछ बेहतरीन “कार्ड” हैं, जिन्हें वह खेलना नहीं चाहते क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया तो चीन बर्बाद हो जाएगा। इस दौरान साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भी उनके साथ मौजूद थे।

ट्रंप ने चीन के खिलाफ टैरिफ की चेतावनी दी
ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर चीन अमेरिका को मैग्नेट (जिसका इस्तेमाल ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस इंडस्ट्री में होता है) उपलब्ध नहीं कराता है, तो अमेरिका 200% टैरिफ लगा सकता है। यह कदम अमेरिका की कड़ी व्यापार नीति को दर्शाता है, जो चीन के साथ व्यापार संतुलन बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

भारत पर 50% टैरिफ का आदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। इससे पहले भारत पर 25% टैरिफ लगने वाला था, लेकिन भारत की रूस से तेल खरीद के कारण यह पेनाल्टी बढ़ा दी गई। अमेरिका ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट रिजॉल्यूशन भी जारी किया है जिसमें यह विस्तार से बताया गया है कि किन-किन सामानों पर टैरिफ लगेगा।
रूस-भारत तेल व्यापार पर ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप के प्रशासन के एक अधिकारी, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले चीन रूस से 13% तेल खरीदता था, जो अब बढ़कर 16% हो गया है। वहीं भारत का रूस से तेल आयात युद्ध से पहले केवल 1% था, जो अब बढ़कर 42% हो चुका है। इस वजह से अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया।
ट्रंप ने अपने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा, “भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाना उचित है क्योंकि भारत सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है।” वहीं भारत का कहना है कि उसने रूस से सस्ते तेल खरीद कर वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा है और यह कदम देश और दुनिया के हित में है।
चीन को लेकर ट्रंप का नरम रुख, भारत पर सख्ती
चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, लेकिन अमेरिका ने चीन पर अभी तक कोई पेनाल्टी नहीं लगाई है। ट्रंप ने चीन के लिए टैरिफ की समयसीमा 12 अगस्त तक निर्धारित की थी, जिसे अब 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह नीति व्यापार और राजनीतिक रणनीति के तहत चीन पर दबाव बनाए रखने की कोशिश है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम भारत और चीन के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में नई चुनौतियां और अवसर लेकर आ सकता है। भारत के लिए 50% टैरिफ का मतलब है कि भारतीय निर्यातक और उद्योगों को नए आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। वहीं चीन के साथ रिश्तों में नरमी बनाए रखने का ट्रंप का इरादा इस वैश्विक राजनीतिक जटिलता में संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।










