Punjab Politics : पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने बगावत करते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया है। पिछले दो दिनों में इन नेताओं के पार्टी छोड़ने से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के लिए अहम चुनौती माना जा रहा है।
दिल्ली में तीनों बागी विधायकों ने थामा बीजेपी का हाथ
सोमवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा बीजेपी में शामिल हो गए। तीनों नेताओं के पार्टी बदलने से पंजाब में सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, बीजेपी में शामिल होने के बाद इन नेताओं की आगामी राजनीतिक भूमिका और चुनावी रणनीति को लेकर अभी तस्वीर स्पष्ट नहीं है।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधायक पद से भी दिया इस्तीफा
बीजेपी में शामिल होने से पहले AAP से निलंबित विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी दी। अमृतसर उत्तर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट साझा कर बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान को भेज दिया है।उनके इस कदम को पार्टी छोड़ने के साथ-साथ पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब विधानसभा अध्यक्ष की ओर से इस्तीफे पर आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने का इंतजार रहेगा।

चेतन सिंह और हरमीत सिंह ने रविवार को छोड़ी थी पार्टी
आम आदमी पार्टी से अलग होने वाले अन्य दो विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा हैं। समाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा और पटियाला जिले की सनौर सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने रविवार को ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके अगले दिन दोनों नेता कुंवर विजय प्रताप सिंह के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।लगातार दो दिनों में तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी के संगठन और पंजाब में उसकी राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ सकती है राजनीतिक चुनौती
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेताओं का दल बदलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों के बीजेपी में जाने से विपक्षी दलों को राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। दूसरी ओर, AAP के सामने अपने संगठन को मजबूत बनाए रखने और इस घटनाक्रम के राजनीतिक प्रभाव को संभालने की चुनौती होगी।अब देखना होगा कि इन तीनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने का आगामी चुनाव पर कितना असर पड़ता है और आम आदमी पार्टी इस राजनीतिक झटके का जवाब किस रणनीति से देती है।



