Social Media Ban : नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले से जुड़े वकीलों और व्यवस्थापकों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, इसलिए सुनवाई के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज अजय गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस केस में अदालत का हर एक मिनट बेहद कीमती है और सभी पक्षों को इसकी गंभीरता को समझना होगा।

कोर्ट के समय की अहमियत पर दिया जोर
सुनवाई के दौरान जज अजय गुप्ता ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में समय की बर्बादी से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने सभी वकीलों को निर्देश दिया कि वे कोर्ट की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें। अदालत ने कहा कि सभी पक्षों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, ताकि मामले की सुनवाई तय समय के अनुसार आगे बढ़ सके।

सुबह 10 बजे वकीलों की मौजूदगी अनिवार्य
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी वकीलों को सुबह 10 बजे तक कोर्ट में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। जज ने कहा कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित होने से सुनवाई बिना किसी रुकावट के शुरू की जा सकेगी। कोर्ट ने साफ किया कि किसी भी पक्ष की देरी के कारण अदालत की कार्यवाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
जेल में बंद आरोपियों की पेशी पर निर्देश
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जेल में बंद आरोपियों की पेशी को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि न्यायिक हिरासत में मौजूद सभी आरोपियों को निर्धारित समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के सामने पेश किया जाए। इससे सुनवाई में देरी से बचा जा सकेगा और मामले की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
ट्रैफिक जाम के बहाने पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान एक वकील के देरी से पहुंचने पर जब ट्रैफिक जाम को वजह बताया गया, तो जज अजय गुप्ता ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केवल ट्रैफिक जैसी वजहों के कारण अदालत की महत्वपूर्ण कार्यवाही में देरी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में वकीलों के पास कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल समय बचाने के लिए किया जा सकता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का इस्तेमाल करने की सलाह
जज ने कहा कि अगर किसी कारण से कोई वकील समय पर कोर्ट परिसर में नहीं पहुंच सकता है, तो वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हो सकता है। अदालत ने इस सुविधा को समय की बचत और न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कोर्ट ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करके अनावश्यक देरी को रोका जा सकता है।
नीट पेपर लीक मामला बना बड़ी चुनौती
नीट पेपर लीक मामला देश के सबसे चर्चित शिक्षा घोटालों में शामिल हो चुका है। इस मामले में जांच एजेंसियां कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले को देखते हुए अदालत भी सुनवाई में तेजी बनाए रखने पर जोर दे रही है।
कोर्ट ने सभी पक्षों से मांगा सहयोग
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी वकीलों, आरोपियों और संबंधित अधिकारियों को अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समय की अहमियत को समझते हुए सहयोग करेंगे, ताकि नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई जल्द और प्रभावी तरीके से पूरी की जा सके।
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