Amit Jogi FIR : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में उनके खिलाफ रायपुर में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
वोट चोरी के मुद्दे पर बनाया था कथित वीडियो
मिली जानकारी के अनुसार, अमित जोगी ने पिछले दिनों देश में कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर एक वीडियो तैयार किया था। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री दिखाई गई थी। अमित जोगी ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और भाजपा नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।


विवाद बढ़ने पर डिलीट की थी सोशल मीडिया पोस्ट
वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने कुछ समय पश्चात अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी थी। इसके बाद उन्होंने एक अन्य पोस्ट साझा करते हुए माफी भी मांगी थी। हालांकि, पोस्ट हटाने और माफी मांगने के बावजूद यह मामला शांत नहीं हुआ। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए अमित जोगी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी।
भाजपा नेताओं ने अमित जोगी पर साधा था निशाना
इस पूरे विवाद के दौरान छत्तीसगढ़ भाजपा के कई नेताओं ने अमित जोगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

उन्होंने अपने पोस्ट में अमित जोगी को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताते हुए उन्हें मनोपचार केंद्र में भर्ती कराने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने नशे को लेकर भी टिप्पणी की थी। भाजपा नेता की इस प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई थी।
सिविल लाइंस थाने में इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
अब इस मामले में रायपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले सिविल लाइंस थाने में अमित जोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) और 356(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
इन धाराओं के तहत दर्ज मामले में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा करने और उससे जुड़े आरोपों की जांच की जाएगी। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है। मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, अमित जोगी के खिलाफ यह शिकायत रायपुर भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

