Rahul Gandhi Punjab Rally : पंजाब की राजनीति में नशे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संगरूर में आयोजित चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल ने कहा कि पंजाब के सामने सबसे बड़ी चुनौती ड्रग्स और नशे का बढ़ता कारोबार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए राज्य को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो पूरी मजबूती से इसके खिलाफ लड़ाई लड़ सके।
भगवंत मान पर राहुल गांधी की विवादित टिप्पणी
मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की समस्या से लड़ना चाहता है तो उसका नेतृत्व करने वाला व्यक्ति खुद नशे से दूर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हर शाम नशे में रहते हैं और ऐसे में वे पंजाब को नशामुक्त बनाने की लड़ाई प्रभावी ढंग से नहीं लड़ सकते। राहुल ने कहा कि भगवंत मान का शराब पीना उनका व्यक्तिगत मामला हो सकता है, लेकिन जब राज्य के भविष्य और युवाओं की जिंदगी का सवाल हो, तब मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है।

कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि लोकसभा में भगवंत मान सुबह के समय चुटकुले सुनाया करते थे और उनके मुंह से शराब की बदबू आती थी। ये सभी आरोप राहुल गांधी ने अपनी रैली के दौरान लगाए हैं।

अमित शाह के तीन साल वाले दावे पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब को तीन साल में नशामुक्त बनाने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमित शाह यह घोषणा कर रहे हैं कि तीन साल के भीतर पंजाब से नशे का कारोबार खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि वह तीन साल तक गृह मंत्री नहीं रहेंगे।
राहुल ने दावा किया कि मौजूदा केंद्र सरकार एक साल के भीतर सत्ता से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे से मुक्ति दिलाने के लिए केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार कार्रवाई की आवश्यकता है।

गुजरात में पकड़ी गई ड्रग्स का मामला उठाया
कांग्रेस सांसद ने गुजरात के बंदरगाह पर कथित तौर पर पकड़ी गई बड़ी मात्रा में हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने अमित शाह से सवाल किया कि गुजरात में हजारों किलो ड्रग्स पकड़े जाने के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को पंजाब में नशे की समस्या पर सवाल उठाने से पहले गुजरात में हुई बरामदगी का जवाब देना चाहिए।
राहुल ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में गैंगस्टरों को संरक्षण देने की बात करने वाली भाजपा को पहले अपने शासन वाले राज्यों और देश के दूसरे हिस्सों की स्थिति पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने मणिपुर की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछे।
किसानों और उद्योगों को लेकर कांग्रेस का दावा
रैली में राहुल गांधी ने पंजाब के किसानों और औद्योगिक विकास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही किसानों के हितों की रक्षा करने और राज्य में उद्योगों को दोबारा मजबूत करने का काम कर सकती है। उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के किसानों ने दिल्ली की सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के कानूनों का विरोध किया था।
राहुल ने दावा किया कि कांग्रेस ने भी किसानों के साथ मिलकर उन कानूनों का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार पंजाब से ही चलनी चाहिए, न कि दिल्ली से। उनके मुताबिक, राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार को पंजाब के लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
पंजाब की सत्ता और नेतृत्व पर सियासी बहस तेज
राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब को न तो दिल्ली के किसी मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चलना चाहिए और न ही केंद्रीय गृह मंत्री के नियंत्रण में होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्य की सरकार को स्थानीय जरूरतों और जनता की प्राथमिकताओं के अनुसार चलाने में विश्वास रखती है।राहुल गांधी के इस बयान के बाद पंजाब में नशे, कानून-व्यवस्था और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, मुख्यमंत्री पर लगाए गए व्यक्तिगत आरोपों को राहुल गांधी के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Read More : Supreme Court News: मनोज झा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, चुनाव आयुक्तों की कानूनी छूट पर सवाल

