Crude Oil Price Crash : दिवाली से पहले आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलकर करीब 94 डॉलर पर पहुंच गया है। इस गिरावट से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, तेल कंपनियों की ओर से फिलहाल कीमतों में कटौती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ब्रेंट और WTI क्रूड में आई जोरदार गिरावट
बुधवार, 4 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड का जनवरी वायदा करीब 4.7 प्रतिशत गिरकर 98.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अक्टूबर की शुरुआत के बाद यह पहली बार था, जब ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के नीचे आया। इसके बाद गिरावट और तेज हुई तथा कारोबार के अंत में कीमत 8.7 प्रतिशत टूटकर 94.62 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड में भी 8.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। गुरुवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 93.77 डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

इंडियन बास्केट में भी दिखने लगा गिरावट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने का असर भारत के लिए महत्वपूर्ण इंडियन बास्केट पर भी पड़ा है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को इंडियन बास्केट की कीमत 103.78 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। यह सितंबर और अक्टूबर के औसत भाव से काफी कम है। सितंबर में इंडियन बास्केट का औसत 116.09 डॉलर और अक्टूबर में 119.91 डॉलर प्रति बैरल रहा था।

अक्टूबर के मुकाबले करीब 13.5 प्रतिशत सस्ता हुआ कच्चा तेल
नवंबर महीने में अब तक इंडियन बास्केट का औसत भाव 105.39 डॉलर प्रति बैरल रहा है। वहीं सितंबर और अक्टूबर के संयुक्त औसत को देखें तो यह लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल बैठता है। इस लिहाज से नवंबर का औसत भाव करीब 11 प्रतिशत कम है। जबकि अक्टूबर के औसत की तुलना में नवंबर के औसत में लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। भारत के लिए यह राहत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इंडियन बास्केट में ब्रेंट डेटेड और ओमान-दुबई क्रूड के औसत को शामिल किया जाता है।
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद से टूटा तेल बाजार
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित तनाव कम होने की उम्मीद बताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में झटका लगा है और डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल किया है। बाजार में माना जा रहा है कि इससे ट्रंप प्रशासन पर ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म करने और बातचीत का रास्ता अपनाने का दबाव बढ़ सकता है। ट्रंप ने भी फिलहाल ईरान पर तत्काल हमले की योजना से इनकार किया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौते की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

क्या दिवाली से पहले सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल आयात करके पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों और इंडियन बास्केट में गिरावट से देश की रिफाइनरियों की आयात लागत कम हो सकती है। रुपये में मजबूती भी तेल कंपनियों के लिए राहत का कारण बन सकती है। हालांकि, पिछले तीन महीनों में कंपनियों पर लागत का दबाव रहा है। इसलिए कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद दिवाली से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
दिल्ली में अभी पेट्रोल-डीजल के क्या हैं भाव?
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के मुताबिक, 4 नवंबर 2026 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर थी। घरेलू बाजार में अभी तक कीमतें घटाने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और इंडियन बास्केट का औसत लगातार नीचे बना रहता है, तो आने वाले दिनों में तेल कंपनियों के पास उपभोक्ताओं को राहत देने की गुंजाइश बढ़ सकती है। अब देखना होगा कि दिवाली से पहले आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिलती है या नहीं।

