Amit Jogi News : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी-जे) के नेता अमित जोगी एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। ‘ज्ञानु और जानू’ नाम के वीडियो को लेकर विवादों में घिरे अमित जोगी गुजरात के सूरत में नजर आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे गुजराती थाली का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। उनकी इस पोस्ट के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रायपुर पुलिस तलाश में, सूरत से सामने आई तस्वीर
इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह है कि एक तरफ रायपुर पुलिस अमित जोगी से पूछताछ के लिए उनकी तलाश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वे सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। सूरत से साझा की गई उनकी तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट नहीं होता कि पुलिस की पूछताछ या जांच की प्रक्रिया पर इसका क्या असर पड़ेगा। मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और अमित जोगी की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

अमित जोगी ने कहा- मैं भगोड़ा नहीं हूं
अमित जोगी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद को भगोड़ा बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने साफ कहा कि वे भगोड़े नहीं हैं और आज भी गुजरात पुलिस की सुरक्षा में हैं। उनके इस बयान ने मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। जोगी की पोस्ट को उनके समर्थकों और राजनीतिक विरोधियों के बीच अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। एक ओर पुलिस की तलाश की चर्चा है, तो दूसरी ओर अमित जोगी अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि वे कानून से बच नहीं रहे हैं।

BNS की धारा 196 के तहत कार्रवाई पर उठाए सवाल
अमित जोगी ने अपने खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत मामला दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक व्यंग्य को अपराध की श्रेणी में रखना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार से जोड़ते हुए अपनी बात रखी है। जोगी के मुताबिक, राजनीतिक विचारों और व्यंग्य के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करना गंभीर बहस का विषय है।
बोले- यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं
अपनी पोस्ट में अमित जोगी ने कहा कि उनके लिए यह मुद्दा व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इससे कहीं बड़ा है। उन्होंने इसे कथित धांधलीयुक्त चुनाव प्रणाली और असहमति जताने के अधिकार की लड़ाई बताया। उनके बयान से साफ है कि वे अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई को व्यापक राजनीतिक मुद्दे के रूप में पेश कर रहे हैं।

अब पुलिस की पूछताछ और आगे की कार्रवाई पर नजर
‘ज्ञानु और जानू’ वीडियो विवाद के बाद अमित जोगी की सूरत में मौजूदगी और उनके सोशल मीडिया बयान ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल अहम सवाल यह है कि रायपुर पुलिस उनसे पूछताछ कब और किस तरह करेगी। साथ ही, गुजरात पुलिस की सुरक्षा को लेकर अमित जोगी के दावे और मामले में दर्ज धाराओं पर आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी। आने वाले दिनों में पुलिस और अमित जोगी की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक बयान इस विवाद की दिशा तय कर सकते हैं।
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