Flap Surgery : जिला सूरजपुर के भैयाथान निवासी 35 वर्षीय शोभनाथ को पिछले छह महीनों से पीठ पर बड़े बेडसोर (प्रेशर अल्सर) की गंभीर समस्या थी। लंबे समय से पैराप्लेजिया की स्थिति के कारण वह पूरी तरह बिस्तर पर थे, जिससे शरीर के एक हिस्से पर लगातार दबाव पड़ने से गहरा घाव बन गया था। यह घाव समय के साथ और गंभीर होता चला गया, जिससे संक्रमण और दर्द की स्थिति भी बढ़ने लगी थी।

रोजाना ड्रेसिंग बन गई थी बड़ी चुनौती
रोगी के परिजनों के लिए प्रतिदिन बेडसोर की ड्रेसिंग कराना काफी कठिन और पीड़ादायक प्रक्रिया बन चुकी थी। लगातार अस्पताल आना-जाना, घाव की सफाई और उपचार में लगने वाला समय व खर्च परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया था। मरीज की हालत को देखते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की गई।

विशेषज्ञों की सलाह के बाद लिया गया फ्लैप सर्जरी का निर्णय
मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आर्य के मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सलाह के बाद मरीज के बेडसोर के स्थायी उपचार के लिए फ्लैप सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। यह एक जटिल प्रक्रिया होती है, जिसमें शरीर के स्वस्थ ऊतकों का उपयोग कर घाव को ढका जाता है ताकि घाव जल्दी भरे और दोबारा समस्या न हो।
उच्च स्तरीय केंद्रों में होती है इस तरह की सर्जरी
आमतौर पर इस प्रकार की फ्लैप सर्जरी बड़े और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में प्लास्टिक सर्जनों द्वारा की जाती है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस तरह की सर्जरी पहली बार की गई, जो संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे भविष्य में गंभीर बेडसोर के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।
13 जून 2026 को सफलतापूर्वक की गई जटिल सर्जरी
दिनांक 13 जून 2026 को डॉक्टरों की टीम ने मरीज की फ्लैप सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की। बेडसोर अल्सर का आकार काफी बड़ा होने के कारण यह ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था। हालांकि डॉक्टरों की कुशलता और टीमवर्क के चलते फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन प्रक्रिया उत्कृष्ट रूप से पूरी की गई और मरीज को सफलतापूर्वक ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया।
सर्जरी टीम और एनेस्थीसिया टीम की अहम भूमिका
इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में सर्जरी टीम की अहम भूमिका रही। सर्जरी टीम में डॉ. मनोज भारती (असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. आनंद साहू (सीनियर रेजिडेंट) और डॉ. अप्पू (पीजी) शामिल थे। वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. रूपक कुमार और डॉ. शिवम शर्मा ने अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। स्टाफ नर्स जैसिंटा ने भी पूरी प्रक्रिया में सहयोग दिया।
मरीज की हालत स्थिर, आईसीयू में रखा गया निगरानी में
सर्जरी के बाद फिलहाल मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है। बेहतर निगरानी और देखभाल के लिए उसे सर्जिकल आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार यदि रिकवरी इसी तरह सकारात्मक रही, तो जल्द ही मरीज को सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में पहली बार बेडसोर अल्सर के लिए फ्लैप सर्जरी का सफल होना संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्षेत्र के मरीजों को अब बड़े शहरों में रेफर होने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
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