Bihar Law and Order : बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को सम्राट चौधरी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और पुलिस की कार्यशैली को लेकर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। तेजस्वी ने पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पुलिस की जिम्मेदारी आम लोगों की सुरक्षा करना है, वही अब रक्षक के बजाय शिकारी की भूमिका में नजर आ रही है।
तेजस्वी यादव मधुबनी जाने के दौरान दरभंगा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार को कई मोर्चों पर विफल बताते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए, लेकिन बिहार में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार को अपराध पर नियंत्रण और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

मधुबनी में एएसआई की गोलीबारी से हुई मौत का मामला
तेजस्वी यादव ने मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में हुई कथित पुलिस गोलीबारी की घटना का जिक्र किया। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) ने अपनी सरकारी पिस्तौल से कथित तौर पर गोली चला दी थी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। तेजस्वी ने इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हालात ऐसे बन गए हैं कि आम लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता खुद करनी पड़ रही है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सरकार जनता को सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है, तो गांवों और सड़कों पर चेतावनी बोर्ड लगवा देने चाहिए। इन बोर्डों पर यह संदेश लिखा होना चाहिए कि लोग अपनी जान की सुरक्षा के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं।
पुलिस से न्याय मांगने पर भी तेजस्वी ने जताई चिंता
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में बिहार के गांवों, टोलों, गलियों और मोहल्लों में कथित तौर पर चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कही। उनके अनुसार, इन बोर्डों पर बड़े अक्षरों में लिखा होना चाहिए कि जनता अपनी जान की खुद जिम्मेदार होगी और पुलिस से न्याय की उम्मीद करना अपने जोखिम पर होगा।

तेजस्वी ने अपने बयान में मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए सात हत्या के मामलों का सामना करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के सत्ता संभालने के बाद बिहार पुलिस का चरित्र बदल गया है और पुलिस बल अपराधी प्रवृत्ति का होता जा रहा है। हालांकि, ये सभी बातें तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं। इन पर सरकार या संबंधित पक्ष का जवाब इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर भी कसा तंज
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की हालिया ‘क्राइम और अपराध’ संबंधी टिप्पणी पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद इस बात का उदाहरण हैं कि उन्हें क्राइम और अपराध के बीच का अंतर तक पता नहीं है। तेजस्वी ने इस टिप्पणी को हास्यास्पद बताते हुए मुख्यमंत्री की भाषा और राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए।
राजग की पदयात्रा को लेकर भी साधा निशाना
कानून-व्यवस्था के मुद्दे के साथ तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से निकाली जा रही पदयात्रा पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह यात्रा जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय कथित ‘वोट चोरी’ में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश है। तेजस्वी ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी ऐसे लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।इस तरह बिहार में अपराध, पुलिस की भूमिका और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सियासी माहौल गर्म होता दिखाई दे रहा है। मधुबनी की गोलीबारी की घटना ने कानून-व्यवस्था पर बहस को और तेज कर दिया है। अब इस मामले में जांच और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने के साथ-साथ सरकार की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।

