Air Pollution Alert : सर्दियों की शुरुआत और दीपावली के बाद देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। पराली जलाने, पटाखों से निकलने वाले धुएं और मौसम में बदलाव के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से प्रभावित हुई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के 43 शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक दर्ज किया गया। खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हवा की स्थिति खतरनाक बताई गई है। लगातार बढ़ते प्रदूषण ने लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बठिंडा और पानीपत प्रदूषण की सूची में सबसे ऊपर
शुक्रवार को जारी आंकड़ों में पंजाब का बठिंडा 1069 AQI के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया। वहीं हरियाणा के पानीपत में वायु गुणवत्ता सूचकांक 1003 दर्ज किया गया और यह दूसरे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश का मेरठ 961 AQI के साथ तीसरे नंबर पर पहुंच गया। इसके अलावा हरियाणा के सिरसा में 938, उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 899, हरियाणा के सोनीपत में 917 और रोहतक में 847 AQI दर्ज किया गया।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 844 और नोएडा में 824 रहा। वहीं हरियाणा का फरीदाबाद 821 AQI के साथ शीर्ष दस प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हुआ। इस सूची में हरियाणा के पांच और उत्तर प्रदेश के चार शहरों की मौजूदगी से इन दोनों राज्यों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में भी हवा की हालत बेहद खराब
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा का AQI 795, नई दिल्ली का 729 और गुरुग्राम का 647 दर्ज किया गया। हवा में प्रदूषक तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी होने की आशंका है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा चिंताजनक हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP का दूसरा चरण लागू
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP का दूसरा चरण लागू किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण करना और हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। प्रशासन ने धूल, वाहनों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों को कम करने के लिए कई कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सड़कों की सफाई और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
GRAP के दूसरे चरण के तहत सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा, ताकि धूल के कण हवा में कम फैलें। निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। दिल्ली मेट्रो ने कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे शुरू किए हैं। इसके अलावा यातायात का दबाव कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के कामकाज के समय में अंतर रखने को कहा गया है।
दीपावली के आसपास हर साल बढ़ती है प्रदूषण की समस्या
अधिकारियों के मुताबिक, मौसम और प्रदूषण के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बने रहने की आशंका जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखकर एहतियाती कदम उठाए गए हैं। उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान हवा की गति कम होने और प्रदूषकों के जमा होने से प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। दीपावली के आसपास पटाखों और पराली के धुएं से हालात और बिगड़ सकते हैं।
मुंबई और चेन्नई में अपेक्षाकृत बेहतर रही हवा
उत्तर भारत के मुकाबले देश के दूसरे महानगरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई। शुक्रवार को कोलकाता का AQI 204, मुंबई का 172 और हैदराबाद का 134 रहा। वहीं चेन्नई में यह आंकड़ा 85 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि फिलहाल प्रदूषण का सबसे गंभीर असर उत्तर भारत के शहरों में दिखाई दे रहा है।

