Dementia Prevention : उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में बदलाव आना कई लोगों के लिए चिंता का विषय होता है। डिमेंशिया ऐसी स्थिति है, जिसमें याददाश्त, निर्णय लेने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसका जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है, हालांकि यह उम्र बढ़ने का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। हर मामले को रोकना संभव नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. जेरेमी लंदन ने बताए ब्रेन हेल्थ के लिए जरूरी उपाय
कार्डियोवास्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी आदतों के बारे में जानकारी साझा की है, जो दिल और दिमाग की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। इन सुझावों में ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने से लेकर अच्छी नींद और सामाजिक रूप से सक्रिय रहने तक की बातें शामिल हैं।

1. ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें
हाई ब्लड प्रेशर मस्तिष्क तक खून पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे स्ट्रोक और संवहनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जो याददाश्त और सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए नियमित रूप से बीपी की जांच कराएं, वजन संतुलित रखें और शारीरिक गतिविधियां जारी रखें। दवा की जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से लें। बीपी का लक्ष्य व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है।

2. सुनने और देखने की क्षमता की जांच कराएं
सुनने या देखने में परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज न करें। जरूरत के अनुसार चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस या हियरिंग एड का इस्तेमाल करें। सुनने और देखने की समस्याओं का समय पर उपचार सामाजिक जुड़ाव और मानसिक सक्रियता बनाए रखने में मदद कर सकता है। नियमित जांच से इन परेशानियों की पहचान जल्दी हो सकती है।
3. नियमित एक्सरसाइज को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
शारीरिक गतिविधि दिल और मस्तिष्क दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार टहलना, साइकिल चलाना या दूसरी कार्डियो एक्सरसाइज करें। इसके साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी शामिल की जा सकती है। नियमित व्यायाम से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रखने और वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

4. ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर रखें नजर
डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और पेट की अतिरिक्त चर्बी हृदय एवं रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संतुलित भोजन करें, नियमित जांच कराएं और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें। धूम्रपान से दूरी बनाना भी जरूरी है, क्योंकि इससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
5. शराब का सेवन कम करें
अत्यधिक शराब का सेवन मस्तिष्क, लिवर और हृदय सहित कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे समय तक ज्यादा शराब पीने से याददाश्त और मानसिक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए शराब से बचना या इसका सेवन कम करना बेहतर है।
6. सिर की चोट से बचाव करें
बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें और जोखिम भरे खेलों में जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें। सिर पर गंभीर चोट लगने से भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सुरक्षा संबंधी सावधानियां अपनाना जरूरी है।
7. तनाव और डिप्रेशन को नजरअंदाज न करें
लंबे समय तक तनाव, चिंता या डिप्रेशन रहने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर थेरेपी या उपचार लेने में संकोच न करें। मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
8. अच्छी नींद लें और सामाजिक रूप से सक्रिय रहें
परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं, नए लोगों से मिलें और दिमाग को सक्रिय रखने वाली गतिविधियों में हिस्सा लें। इसके अलावा हर रात पर्याप्त और नियमित नींद लेने की कोशिश करें। पढ़ना, पहेलियां हल करना और नई चीजें सीखना भी मानसिक सक्रियता बनाए रखने के अच्छे तरीके हो सकते हैं।
क्या इन आदतों से डिमेंशिया पूरी तरह रोका जा सकता है?
इन आदतों को अपनाने से डिमेंशिया का खतरा कम करने और संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन ये बीमारी से बचाव की गारंटी नहीं हैं। याददाश्त में लगातार गिरावट या व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखे तो डॉक्टर से जांच कराएं। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।


