Deepak Baij Accusation : छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा विधायक ईश्वर साहू पर आरोप लगाया है कि उन्होंने स्वेच्छानुदान राशि का बड़ा हिस्सा अपने और अपने स्टाफ के रिश्तेदारों में बांट दिया। बैज ने कहा कि यह राशि जरूरतमंदों के लिए होती है, लेकिन विधायक इसे अपने फायदे के लिए बांट रहे हैं। उन्होंने कहा, “माले मुफ्त-दिले बेरहम,” यानी मुफ्त की मदद को बेरहमी से बांटा गया।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर जारी की सूची
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक सूची भी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि करीब 20 से ज्यादा नजदीकी रिश्तेदारों को 20 हजार से लेकर 40 हजार रुपए तक की राशि बांटी गई। कांग्रेस का आरोप है कि विधायक और उनके स्टाफ के लोग शासन की मदद की रकम का दुरुपयोग कर रहे हैं।

ईश्वर साहू का जवाब- कांग्रेस की राजनीति है यह
इस आरोप पर विधायक ईश्वर साहू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे गरीब परिवार से आते हैं और विधायक बनने के बाद कांग्रेस उनकी इज्जत नहीं कर पा रही। उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेस का राजनीतिक षड्यंत्र है और वे फिजूल बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वेच्छानुदान राशि आवेदन के आधार पर दी गई है, और अब तक करीब 500-700 जरूरतमंदों को पैसा मिला है।
विधायक ईश्वर साहू का राजनीतिक बैकग्राउंड
ईश्वर साहू छत्तीसगढ़ के एक अनुभवी विधायक हैं, जो 7 बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने 2023 में भूपेश सरकार के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को चुनाव में हराया था। उनका परिवार भी विवादों से जुड़ा रहा है, जब उनके बेटे की बिरनपुर में सांप्रदायिक हिंसा में मौत हो गई थी, जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया था।
ननों की गिरफ्तारी पर बैज ने जताई नाराजगी
दुर्ग जिले में ननों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बजरंग दल के दबाव में ननों को गलत तरीके से गिरफ्तार कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अमित शाह ने ननों की रिहाई में मदद का आश्वासन दिया है। बैज ने इसे राज्य सरकार की साजिश बताया।
बैज का बजरंग दल पर हमला- प्रदेश में आतंक फैलाया
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के संरक्षण में बजरंग दल एक आतंकवादी संगठन बन चुका है, जो अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल मुस्लिम, ईसाई और सिख समुदायों को डराने धमकाने का काम कर रहा है, जिससे ये समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मितानिनों के वादे पूरे न होने पर बैज ने उठाए सवाल
बैज ने मितानिनों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मितानिनों को नियमित वेतन और वेतन वृद्धि का वादा किया था, लेकिन डेढ़ साल बाद भी वेतन और नियमितीकरण की मांगें पूरी नहीं हुईं। उन्होंने सरकार को वादाखिलाफी का दोषी बताया।
तहसीलदारों की हड़ताल पर बैज का बयान
राजस्व कार्य प्रभावित होने वाली तहसीलदारों की हड़ताल पर बैज ने कहा कि तहसीलदारों ने अपने समर्थन के लिए नारियल चढ़ाने तक का तरीका अपनाया, लेकिन उनकी मांगें अभी तक नहीं मानी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस लापरवाही से पूरे प्रदेश में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली बाधित हो रही है। छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायक ईश्वर साहू के खिलाफ कांग्रेस के आरोप और विधायक के जवाब के बीच राजनीतिक लड़ाई तेज होती जा रही है। वहीं, ननों की गिरफ्तारी, बजरंग दल की गतिविधियों और मितानिनों व तहसीलदारों के मुद्दे ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।










