Himachal Weather Havoc: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी ने तबाही मचा दी है। हिमाचल में, 20 जून से लेकर 1 अगस्त तक भारी बारिश के चलते राज्य को 1,678 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं के चलते 1,526 घरों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश में अब तक 47 बाढ़ की घटनाएं, 28 बादल फटने और 42 भूस्खलन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

ऊना और अन्य इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
हिमाचल प्रदेश के ऊना में शुक्रवार रात भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। घरों में पानी घुसने से लोग अपनी छतों पर रहने को मजबूर हो गए। चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव की वजह से यातायात प्रभावित हुआ। जिलाधिकारी जतिन लाल ने बताया कि कई इलाकों में सड़कें बंद हो गईं हैं और सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों को बंद कर दिया गया है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, और सरकारी एवं निजी संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है।

387 सड़कें बंद, जीवन की रफ्तार थमी
हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण 387 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें से 187 सड़कें मंडी जिले में और 68 सड़कें कुल्लू में हैं। इस तरह की घटनाओं से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, राज्य में 747 पॉवर ट्रांसफार्मर और 249 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राहत कार्यों को तेज़ करने और प्रभावितों के पुनर्वास के लिए कदम उठाने की अपील की।
उत्तराखंड में भूस्खलन, 12 मजदूर घायल
उत्तराखंड के चमोली जिले में भी शनिवार को भूस्खलन हुआ, जिसमें 12 मजदूर घायल हो गए। ये घटना जल विद्युत परियोजना स्थल पर हुई, जहां लगभग 300 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक पहाड़ से गिरते हुए पत्थरों के कारण मजदूर जान बचाने के लिए भागे, जिससे 12 मजदूर घायल हो गए। घायलों में से 4 की हालत नाजुक बताई जा रही है, और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
राहत कार्य तेज, प्रशासन सक्रिय
भूस्खलन के बाद राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। परियोजना स्थल पर काम फिलहाल रोक दिया गया है। टीएचडीसी के अधिकारियों के अनुसार, जोशीमठ के पास स्थित हेलंग में अलकनंदा नदी पर बैराज बनाने का कार्य चल रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
हिमाचल और उत्तराखंड में राहत कार्यों की अपील
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने केंद्रीय सहायता की अपील की है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि नुकसान का मुआवजा और राहत सही तरीके से दी जा सके। राज्य सरकारों ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह जलजमाव और भूस्खलन के कारण प्रभावित इलाकों में समय रहते राहत पहुंचाने के लिए पूरी ताकत लगा दें।
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