Harry Brook Century : इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने ओवल टेस्ट में बेहतरीन शतक जड़ते हुए इंग्लैंड को भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत की राह पर ला खड़ा किया। चौथे दिन की सुबह, इंग्लैंड के 50 रन से आगे खेलने के बाद, ब्रूक ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। 374 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ब्रूक की यह तूफानी पारी इंग्लैंड को मुकाबले में वापस ले आई, जिससे भारत के लिए जीत की उम्मीदें कम हो गईं।

ब्रूक की शानदार वापसी
इस सीरीज की पहली पारी में सिर्फ 99 रन बनाकर आउट होने वाले ब्रूक ने इस बार कमाल कर दिखाया। ओवल टेस्ट के चौथे दिन, टीम इंडिया द्वारा दिए गए लक्ष्य के सामने ब्रूक ने न सिर्फ अपना विकेट बचाए रखा, बल्कि आक्रमकता के साथ भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। ब्रूक ने महज 91 गेंदों में अपने टेस्ट करियर का दसवां और इस सीरीज का दूसरा शतक जमाया।

भारत ने इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेला
चौथे दिन इंग्लैंड ने 50 रन से खेलना शुरू किया, और शुरुआत में ही भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बना दिया। बेन डकेट का विकेट गिरने के बाद, भारत ने ऑली पोप को भी पवेलियन भेजा। 106 रन पर इंग्लैंड के तीन विकेट गिर चुके थे और टीम संकट में दिख रही थी। यहीं पर ब्रूक ने अपने शानदार खेल से इंग्लैंड की उम्मीदों को फिर से जगाया। जो रूट के साथ मिलकर दोनों ने मिलकर इंग्लैंड को मैच में वापसी दिलाई।
ब्रूक को मिला जीवनदान, फिर मचाया तूफान
ब्रूक की पारी में एक खास मोड़ उस वक्त आया जब भारतीय गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर एक हुक शॉट खेलने की कोशिश में ब्रूक को जीवनदान मिला। इस गेंद पर उनका कैच सिराज ने लपका, लेकिन गलती से उनका पैर बाउंड्री पर लग गया, और ब्रूक को 6 रन भी मिल गए। उस समय ब्रूक सिर्फ 19 रन पर थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को बखूबी निपटाया और एक यादगार शतक जड़ दिया।
ब्रूक की तूफानी पारी और भारत के लिए 92 रन का जुर्माना
ब्रूक ने अपनी तूफानी पारी के दौरान दूसरे सत्र में ही इंग्लैंड को 300 रन के पार पहुंचा दिया। हालांकि, आकाश दीप की एक गेंद पर छक्का मारने की कोशिश में उनकी पारी का अंत हुआ। 98 गेंदों में 111 रन बनाकर ब्रूक आउट हुए, जिसमें 14 चौके और 2 छक्के शामिल थे। इस पारी के दौरान, ब्रूक ने कुल मिलाकर 92 रन जोड़े, जो भारतीय टीम के लिए एक तरह से जुर्माना साबित हुआ। इस दौरान उन्होंने जो रूट के साथ मिलकर 195 रन की साझेदारी की, जो इंग्लैंड की जीत की ओर एक निर्णायक कदम साबित हुई।
ब्रूक ने इंग्लैंड को जीत के करीब पहुंचाया
ब्रूक की यह पारी न सिर्फ इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों को जीवित रखी, बल्कि भारतीय गेंदबाजों के लिए यह एक कड़ा सबक भी रही। ब्रूक ने अपनी शानदार बैटिंग से इस मैच में इंग्लैंड को विजयी बनाने की ओर बड़ा कदम बढ़ाया, जबकि भारतीय टीम को उनके द्वारा खोए गए 92 रन भारी पड़े।










