Uddhav Thackeray : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके से शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हाल ही में फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच छात्र आंदोलन, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उद्धव ठाकरे ने अभिजीत दिपके को भरोसा दिलाया कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष उनके साथ खड़ा रहेगा। साथ ही उन्होंने दिपके को मुंबई स्थित अपने आवास ‘मातोश्री’ आने का निमंत्रण भी दिया। इस बातचीत को छात्र आंदोलन और विपक्ष के बीच बढ़ते संवाद के रूप में देखा जा रहा है।

अभिजीत दिपके की मां से शादी को लेकर पूछा सवाल
फोन पर हुई बातचीत के दौरान एक हल्का-फुल्का और भावनात्मक पल भी देखने को मिला। उद्धव ठाकरे ने अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके से उनके बेटे की शादी को लेकर सवाल पूछा। इस पर अनीता दिपके ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनके बच्चों का घर बस जाए। उन्होंने बताया कि वह पहले भी इस विषय पर अभिजीत से चर्चा कर चुकी हैं, लेकिन शादी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय का अंतिम फैसला वही करेंगे। इस बातचीत ने गंभीर राजनीतिक चर्चा के बीच एक पारिवारिक और सहज माहौल भी बना दिया।

वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने कराई वीडियो कॉल
जानकारी के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे अभिजीत दिपके के घर पहुंचे थे। वहीं से वीडियो कॉल के माध्यम से उद्धव ठाकरे की अभिजीत दिपके और उनके परिवार से बातचीत कराई गई। इस दौरान ठाकरे ने कहा कि छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को विपक्ष गंभीरता से देख रहा है और अभिजीत दिपके को हर संभव नैतिक समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की सराहना भी की।
छात्रों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
उद्धव ठाकरे के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के हितों के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों की सभी प्रमुख मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दिपके ने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करना है।
मातोश्री आने का निमंत्रण किया स्वीकार
बातचीत के दौरान उद्धव ठाकरे ने अभिजीत दिपके को अपने मुंबई स्थित आवास ‘मातोश्री’ आने का निमंत्रण दिया। अभिजीत दिपके ने इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कहा कि वह सभी नेताओं से संवाद के लिए तैयार हैं और जल्द ही मातोश्री जाकर मुलाकात करेंगे। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान संभव है और वे सभी पक्षों की बात सुनने के पक्षधर हैं।
राजनीति में आने की अटकलों पर दिपके ने दी सफाई
हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में अभिजीत दिपके ने राजनीति में औपचारिक प्रवेश की अटकलों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का गठन करना नहीं है। उन्होंने बताया कि वे एक सामाजिक समूह के रूप में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को उठाते रहेंगे। दिपके ने यह भी दोहराया कि उनका पूरा आंदोलन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा तथा किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं किया जाएगा।
शिक्षा और सामाजिक कार्यों से बनी अलग पहचान
अभिजीत दिपके मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के निवासी हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में उच्च शिक्षा प्राप्त की। हाल के छात्र आंदोलन के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर एक चर्चित चेहरा बनकर उभरे हैं। शिक्षा, युवा अधिकारों और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के कारण उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है। उनके समर्थकों का कहना है कि वे युवाओं की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इस पूरे घटनाक्रम को छात्र आंदोलनों और विपक्षी राजनीति के बीच बढ़ते संवाद के रूप में देख रहे हैं।
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