Ukraine new strategy : लगातार तीसरे दिन भी यूक्रेन ने रूस के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाकर प्रहार किए। शनिवार को रूस ने कुल 93 ड्रोन गिराए, लेकिन इसके बावजूद रूस के सोची, वोल्गोग्राद जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ। खासकर तेल डिपो और गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया, जिससे रूस की औद्योगिक गतिविधियों और सैन्य सप्लाई लाइन में व्यवधान पैदा हुआ। यूक्रेन के ड्रोन सटीक निशाने के साथ रूस के सैन्य और आर्थिक ढांचे को ध्वस्त कर रहे हैं। सोची में ड्रोन हमलों से लगे भयंकर धमाके सोची में लगातार 20 धमाके हुए और एक बड़ा तेल डिपो आग के हवाले हो गया। इस हमले से करीब का एयरपोर्ट बंद करना पड़ा, जिससे 52 उड़ानें रद्द हो गईं। रूस की तरफ से सुरक्षा के लिए ड्रोन नेट जैसे आधुनिक हथियार भी लगाए गए थे, लेकिन यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकना संभव नहीं हो पाया। रूस की एयर डिफेंस लगातार असफल हो रही है, जिससे यूक्रेन का आत्मविश्वास बढ़ा है। यूक्रेन की ताकत में ट्रंप और यूरोप का समर्थन यूक्रेन को ट्रंप समेत यूरोप से हथियार और रणनीतिक मदद मिल रही है, जिससे उसकी हमलों की रफ्तार और ताकत बढ़ी है। जेलेंस्की अब खुलेआम रूस को धमकी दे रहे हैं कि युद्ध की कीमत रूस को भुगतनी होगी। काला सागर से लेकर रूस के अंदरूनी इलाकों तक यूक्रेनी ड्रोन और गाइडेड बम हमलों की बारिश हो रही है, जिससे रूस के सैन्य औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा है। रूस के गैस सप्लाई नेटवर्क और सैन्य कारखानों पर बड़ा हमला वोल्गोग्राद में गैस पाइपलाइन को निशाना बनाकर सेना से जुड़ी कई फैक्ट्रियों में काम ठप पड़ गया है। डेमीखोव मशीन प्लांट, मिग एयरक्राफ्ट फैक्ट्री और मैग्नम बारूद फैक्ट्री सहित कई सैन्य उद्योग प्रभावित हुए हैं। इन हमलों से रूस की सैन्य उत्पादन क्षमता कमज़ोर पड़ रही है, जो युद्ध की लंबाई और ताकत को प्रभावित कर सकता है। काला सागर से लेकर रूस के कई शहरों में ड्रोन हमलों का दौर जारी यूक्रेन ने काला सागर के ऊपर 60 ड्रोन छोड़े, वहीं वोरोनिश, बेलगोरोद और ब्रियांस्क में भी कई ड्रोन गिराए गए। रूसी सेना की सप्लाई लाइनें लगातार निशाने पर हैं। खासतौर पर रोस्तोव के रेल मार्ग पर हमले से पूर्वी यूक्रेन में हथियारों की सप्लाई बाधित हो रही है। यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां रूसी काफिलों पर लगातार हमले कर रही हैं। यूक्रेन की लॉन्ग रेंज ड्रोन स्ट्रेटेजी ने बढ़ाई पुतिन की टेंशन यूक्रेन ने 200 से लेकर 850 किलोमीटर दूर तक ड्रोन हमले किए हैं, जो इस बात का संकेत है कि उसकी लॉन्ग रेंज ऑपरेशन क्षमता काफी मजबूत हो गई है। अमेरिका और यूरोप की इंटेलिजेंस के साथ मिलकर यूक्रेन रूस के अंदर तक निशाने पर हमले कर रहा है, जिससे पुतिन की मुश्किलें बढ़ रही हैं। जर्मनी और पोलैंड की मदद से यूक्रेन की एयर डिफेंस होगी मजबूत जर्मनी जल्द ही यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम प्रदान करेगा जिससे कीव समेत अन्य महत्वपूर्ण इलाकों की सुरक्षा बढ़ेगी। पोलैंड भी हथियारों का पैकेज देने जा रहा है। ये कदम यूक्रेन को रूस के बढ़ते हमलों का जवाब देने में मदद करेंगे। ट्रंप की रणनीति विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप चाहते हैं कि रूस में इतनी तबाही हो कि पुतिन युद्ध खत्म करने और बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हो जाएं। इसलिए यूक्रेन पर हथियारों की सप्लाई लगातार तेज़ की जा रही है और रूस के हर प्रहार का जवाब कड़ी ताकत से दिया जा रहा है। यूक्रेन की ड्रोन स्ट्रेटेजी और अंतरराष्ट्रीय समर्थन ने रूस के सैन्य ढांचे को अंदर से कमजोर कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों से पुतिन की टेंशन बढ़ गई है और इस जंग का नया चरण शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा और परिणाम राजनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर अहम साबित होंगे। Read More : Shibu Soren death : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस














