Bhupesh Baghel on BJP : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गौठान योजना को बंद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गायों के लिए गोधाम और गौ अभयारण्य बनाने की घोषणा की थी, लेकिन 20 महीने बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब गायें सड़कों पर मरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को गौ-माता का श्राप लगेगा, क्योंकि इन कथित गौ-भक्तों ने ही गायों को बेसहारा छोड़ दिया है।

बारिश और मच्छरों से बचने के लिए भी यही सहारा
पूर्व सीएम ने रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा कि किसान फसलों की रखवाली के चलते मवेशियों को खेतों से खदेड़ रहे हैं, जिसके चलते वे सड़कों पर आ रहे हैं। बरसात और मच्छरों से बचने के लिए भी मवेशी सड़क किनारे बैठ जाते हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।

भाजपा की सफाई: गौ अभयारण्य का ड्राफ्ट तैयार
भूपेश बघेल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि गौ अभयारण्य का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है और यह योजना छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित होगी। उन्होंने माना कि मवेशियों की मौतें दुखद हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रयास जारी हैं।
हाईवे पर मवेशियों की मौतों का सिलसिला जारी, प्रशासन लाचार
बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर बीते 20 दिनों में 50 से ज्यादा मवेशियों की मौत हो चुकी है। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर मवेशी कुचले जा रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद सड़कों पर मवेशियों की भरमार बनी हुई है। प्रशासन की ओर से पेट्रोलिंग और मवेशियों को हटाने का निर्देश दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नहीं दिख रहा।
धर्मांतरण मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
भूपेश बघेल ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री खुद अपने जिले में हो रहे धर्मांतरण को नहीं रोक पा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी को दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, तो वह गलत है। लेकिन कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म बदलता है तो यह उसकी स्वतंत्रता है।
धार्मिक स्वतंत्रता कानून आज तक लागू नहीं
पूर्व सीएम ने कहा कि 2006 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता कानून बनाया था, जिसे विधानसभा में पास भी किया गया, लेकिन अब तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर दोहरी बात करती है—केरल में कुछ और, छत्तीसगढ़ में कुछ और। यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का तरीका है।
पाकिस्तान से क्रिकेट पर भी उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने भारत-पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित क्रिकेट सीरीज पर भी केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब देश में ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियान चल रहे हैं, उस वक्त पाकिस्तान से मैच खेलना विरोधाभासी है। उन्होंने कटाक्ष किया—”इनके लिए बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपया।”
भूपेश बघेल ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर एक साथ निशाना साधा है—गौवंशों की दुर्दशा, धर्मांतरण और पाकिस्तान से संबंधों के मसले पर। भाजपा ने जवाब देते हुए कहा है कि योजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन मवेशियों की मौतों को लेकर चिंता बनी हुई है।
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