Raipur heroin case : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क की गहरी पैठ सामने आई है। बीते 8 महीनों में 2 करोड़ रुपए की हेरोइन बिकने और 1 करोड़ की ड्रग्स जब्ती के खुलासे के बाद अब मामले में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की एंट्री हो चुकी है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यह सिर्फ एक सिरा है, पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसकी जड़ें पाकिस्तान तक फैली हुई हैं। ATS को सौंपी गई जांच छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS को केस की जांच सौंपी गई है। ATS अब ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क, फंडिंग सोर्स और तमाम कनेक्शनों की जांच कर रही है। वहीं NCB और IB की टीमें रायपुर जेल में बंद मास्टरमाइंड लवजीत सिंह उर्फ बंटी से पूछताछ कर चुकी हैं। कैसे पकड़े गए आरोपी? 4 अगस्त को रायपुर पुलिस की ACCU टीम को जानकारी मिली कि कमल विहार, महावीर नगर और टाटीबंध इलाके में ड्रग्स सिंडिकेट सक्रिय है। टीम ने कमल विहार के EWS मकान नंबर 504 पर छापा मारा। यहां से लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया गया। इनसे 412.87 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मास्टरमाइंड ने कबूला सब कुछ पुलिस के अनुसार, पूछताछ में लवजीत सिंह ने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाकर रायपुर में खपाता था। उसने कबूल किया कि वह लक्ष्य परिफल, राघव, अनिकेत मालाधरे, मनोज सेठ, मुकेश सिंह, जुनैद खान और राजविंदर सिंह के साथ मिलकर इस ड्रग्स सिंडिकेट को चला रहा था। रायपुर पर क्यों बढ़ा नेटवर्क का फोकस? जानकारों के मुताबिक, रायपुर में हाल के वर्षों में युवा वर्ग में ड्रग्स की मांग बढ़ी है, खासकर हेरोइन की। इसका फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क ने यहां लोकल एजेंट्स के ज़रिए सप्लाई चैन बना ली है। यही वजह है कि रायपुर जैसे शहर को अब पाकिस्तानी ड्रग्स सिंडिकेट भी निशाना बना रहे हैं। SSP ने दिए थे संकेत रायपुर SSP लाल उमेद सिंह ने गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट किया था कि यह मामला राज्य स्तर से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा था कि “आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय एजेंसियों को जांच में शामिल किया जाएगा।” अब वह प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। Read More : Mitanin strike Chhattisgarh : 72 हजार मितानिनें हड़ताल पर, भूपेश बघेल का समर्थन, रक्षाबंधन पर भी जारी रहेगा आंदोलन














