Chhattisgarh cartoon war : छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब सोशल मीडिया की जंग ने नया मोड़ ले लिया है। बिजली बिल और केते एक्सटेंशन जैसे मुद्दों पर शुरू हुई जुबानी बहस अब आपत्तिजनक कार्टून और मीम वॉर में तब्दील हो चुकी है। कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही दलों ने एक-दूसरे के नेताओं को जानवरों के रूप में चित्रित करते हुए कार्टून पोस्ट किए, जिससे विवाद और गहरा गया है।

बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो नए कार्टूनों ने इस बहस को और भड़का दिया। कांग्रेस ने एक पोस्ट में भाजपा नेताओं को पशु रूप में दिखाया, तो भाजपा ने पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जानवर के रूप में दर्शाया।




कांग्रेस-भाजपा की एक-दूसरे पर तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा के कार्टून को आरएसएस की संकीर्ण मानसिकता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा,”बीजेपी के पास बताने को कुछ नहीं बचा। इसलिए चरित्र हनन का सहारा लिया जा रहा है। यही तरीका इन्होंने महात्मा गांधी, नेहरू और इंदिरा गांधी के खिलाफ अपनाया था। अब राहुल गांधी और भूपेश बघेल के खिलाफ यही हो रहा है।”

बीजेपी प्रवक्ता दीपक उज्जवल ने पलटवार करते हुए कहा, “कांग्रेस जिस भाषा में बात करेगी, उसे उसी भाषा में जवाब मिलेगा। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पर अभद्र टिप्पणियां की हैं। अब सोशल मीडिया पर भी यही कर रहे हैं।”
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
यह कोई पहला मौका नहीं है जब दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया पर इस तरह की टकराव हुई हो। विधानसभा चुनावों से पहले भी मीम्स, कार्टून और फोटोशॉप्ड पोस्ट को लेकर कई बार विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया प्रभारियों को संयम बरतने की हिदायत दी थी।



छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब सामान्य बहस से ज्यादा सोशल मीडिया की आक्रामकता ने जगह ले ली है। नेताओं के आपत्तिजनक चित्रण और भाषा के चलते राजनीतिक मर्यादा पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह है कि दोनों प्रमुख दल आने वाले दिनों में राजनीति को संवाद में बदलते हैं या यह टकराव और बढ़ता है।















