Waqf Board order: छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त 2025 को मनाए जाने वाले 78वें स्वतंत्रता दिवस पर एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने प्रदेश की सभी मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में तिरंगा फहराने का निर्देश दिया है। यह फैसला धार्मिक स्थलों पर राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को बनाए रखते हुए देशप्रेम की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

सभी मुतवल्लियों को जारी हुआ निर्देश
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में साफ कहा गया है कि प्रदेश की सभी वक्फ संपत्तियों – विशेष रूप से मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों के मुख्य द्वारों पर 15 अगस्त को ध्वजारोहण अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने सभी मुतवल्लियों (प्रबंधकों) से अपील की है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय पूर्ण गरिमा और सम्मान का पालन किया जाए।

डॉ. सलीम राज ने कहा, “भारत की आज़ादी में हर मजहब के लोगों ने योगदान दिया है। स्वतंत्रता दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र और संविधान के प्रति हमारी निष्ठा का प्रतीक है। मुस्लिम समुदाय भी इस गर्व का हिस्सा है और रहेगा।”
समाज में सकारात्मक संदेश की कोशिश
वक्फ बोर्ड का यह निर्णय सामाजिक सौहार्द और राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे पहले भी कई बार मुस्लिम समाज की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने की पहल की जाती रही है, लेकिन पहली बार राज्य स्तरीय आधिकारिक निर्देश इस रूप में सामने आया है।
डॉ. राज ने यह भी कहा कि यह फैसला किसी दबाव या राजनीति के तहत नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना और देशभक्ति की प्रेरणा से लिया गया है। उन्होंने कहा कि झंडा फहराना देश के प्रति सम्मान का प्रतीक है, और हर भारतीय को इसे गर्व से करना चाहिए।
गरिमा और अनुशासन बनाए रखने की अपील
अध्यक्ष ने निर्देश में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि समारोह के दौरान शांति, अनुशासन और गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने समुदाय के सभी लोगों से अपील की कि इस दिन को धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में मनाएं।
सरकार और समाज से मिल रही सराहना
इस निर्णय की सराहना न केवल मुस्लिम समुदाय में, बल्कि अन्य वर्गों और राजनीतिक हलकों में भी की जा रही है। इसे समाज के सभी वर्गों को जोड़ने वाली एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे “वास्तविक राष्ट्रवाद” की भावना को मजबूत करने वाला कदम बताया।
छत्तीसगढ़ में मस्जिदों और मदरसों पर तिरंगा फहराने की यह पहल देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण है। यह न केवल राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को बढ़ाएगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि भारत की आज़ादी और एकता हर मजहब, हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी और विरासत है।










