INDIA Alliance March : विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन द्वारा सोमवार को दिल्ली में निकाले गए विरोध मार्च के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिली। चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद संजना जाटव और तृणमूल कांग्रेस सांसद मिताली बाग बेहोश होकर गिर गईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों ने दोनों को संभाला और तत्काल चिकित्सकीय मदद दिलाई।

कौन हैं मिताली बाग?
मिताली बाग तृणमूल कांग्रेस की सांसद हैं और पश्चिम बंगाल के आरामबाग लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में मिताली ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अरूप कांति दिगर को 6399 वोटों के बेहद कम अंतर से हराया था। मिताली को कुल 7,12,587 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 7,06,188 वोट प्राप्त हुए।

मिताली बाग ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवा) की वर्कर रही हैं और पार्टी संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। जमीनी जुड़ाव और स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ के कारण पार्टी ने उन्हें टिकट देकर लोकसभा चुनाव मैदान में उतारा, जहां उन्होंने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की।
कौन हैं संजना जाटव?
संजना जाटव, कांग्रेस की युवा नेता हैं और राजस्थान के भरतपुर से लोकसभा सांसद हैं। महज 26 वर्ष की उम्र में संसद पहुंचने वाली देश की सबसे कम उम्र की महिला सांसद बनीं। वे कांग्रेस के चर्चित अभियान ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की सक्रिय सदस्य रहीं, जिसे प्रियंका गांधी ने महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया था।
2023 में संजना ने अलवर की कठूमर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन बेहद कम अंतर— मात्र 409 वोटों से हार गईं। इसके बाद कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भरतपुर से मैदान में उतारा, जहां उन्होंने भाजपा के रामस्वरूप कोली को 53,539 वोटों से हराया।
मार्च के दौरान क्या हुआ?
सोमवार सुबह 11:30 बजे, विपक्षी गठबंधन ने संसद भवन के मकर द्वार से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाला। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर वोटर लिस्ट में हेराफेरी कर रहे हैं। खासतौर पर अल्पसंख्यकों, दलितों और विपक्षी समर्थकों के नामों को जानबूझकर मतदाता सूची से हटाया जा रहा है।
मार्च में शामिल नेताओं में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, संजय राउत सहित करीब 300 सांसद शामिल थे। जैसे ही मार्च ट्रांसपोर्ट भवन के रास्ते चुनाव आयोग की ओर बढ़ा, दिल्ली पुलिस ने इसे संसद भवन के बाहर रोक दिया। पुलिस का कहना था कि मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।
मार्च के दौरान भीड़, गर्मी और धक्का-मुक्की में संजना जाटव और मिताली बाग की तबीयत बिगड़ गई। दोनों सांसदों को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया।
विपक्ष का आरोप और चुनाव आयोग की चुप्पी
राहुल गांधी ने मार्च से पहले कहा कि वोटर लिस्ट में की जा रही छेड़छाड़ लोकतंत्र के खिलाफ है। यह ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बिहार के SIR (State Intelligent Report) में सामने आया है कि जाति और धर्म के आधार पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं।
फिलहाल, चुनाव आयोग की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विपक्ष की मांग है कि जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मार्च के दौरान हुई घटनाओं ने एक बार फिर संसद और लोकतंत्र की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, मिताली बाग और संजना जाटव जैसी युवा महिला सांसदों की सक्रियता इस बात का संकेत है कि देश में नई पीढ़ी अब सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने को तैयार है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या चुनाव आयोग इन आरोपों पर कोई जवाब देगा।











