Korba Crime : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार सवालों के घेरे में है। ताजा मामला शहर से सटे भुलसीडीह गांव का है, जहां भाजपा किसान मोर्चा के उरगा मंडल मंत्री कपिलेश्वर धीरज पर जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना केवल मारपीट तक सीमित नहीं रही, बल्कि हमलावरों ने नेता की कार में जमकर तोड़फोड़ की और उनसे 60 हजार रुपये की नकदी भी लूट ली। इस दुस्साहसिक वारदात ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और भाजपा कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है।

महज 15 दिनों में दूसरी बड़ी वारदात
कोरबा में भाजपा नेताओं को निशाना बनाए जाने की यह लगातार दूसरी घटना है। इससे पहले 15 जून को बालको के पूर्व मंडल अध्यक्ष शिव बालक सिंह तोमर पर भी हमला हुआ था। अब उरगा मंडल महामंत्री कपिलेश्वर धीरज पर हुए इस हमले ने प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। घटना उस समय हुई जब धीरज रजगामार चौकी अंतर्गत निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के समीप एक पोल्ट्री फार्म के पास मौजूद थे। अचानक 10-12 की संख्या में पहुंचे हमलावरों ने न केवल उनका रास्ता रोका, बल्कि उन्हें कार से खींचकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा।

डायल 112 की तत्परता से बची जान
हमलावरों ने बेरहमी से की गई मारपीट में कपिलेश्वर धीरज को इतना घायल कर दिया कि वे मौके पर ही बेहोश हो गए। हमलावर उन्हें मरणासन्न हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए। काफी देर बाद जब राहगीरों की नजर सड़क पर बेहोश पड़े भाजपा नेता पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंची डायल 112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल धीरज को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल में भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगा है और वे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मुख्य आरोपी की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के समक्ष दिए अपने बयान में पीड़ित कपिलेश्वर धीरज ने स्पष्ट रूप से ‘अरुण खंडे’ नामक व्यक्ति को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) लखन पटले ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी सहित 10 से 12 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
इस घटना ने कोरबा की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। राजनीतिक दल इस घटना को शासन की विफलता बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल, पुलिस का दावा है कि जांच चल रही है और बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना स्पष्ट करती है कि क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को और अधिक कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।











