Ram Raksha Andolan : अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान के कथित गबन मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे पर भाजपा को सीधे निशाने पर लिया है। ठाकरे ने एक नई राजनीतिक लड़ाई का ऐलान करते हुए महाराष्ट्र में 5 जुलाई से ‘राम रक्षा’ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने प्रदेश की जनता और राम भक्तों से आह्वान किया है कि वे इस आंदोलन में शामिल होकर मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के लिए भाजपा सरकार को जवाबदेह ठहराएं। ठाकरे का स्पष्ट मानना है कि यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

हनुमान मंदिरों से होगी शुरुआत: विरोध का अनूठा तरीका
उद्धव ठाकरे ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए एक धार्मिक मार्ग चुना है। उन्होंने घोषणा की है कि रविवार को मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर में बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र होंगे। यहाँ वे हनुमान चालीसा और हनुमान स्तोत्र का पाठ करेंगे। इस आध्यात्मिक प्रदर्शन के जरिए वे केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे कि वे अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन में हुई चूक की जिम्मेदारी स्वीकार करें। उद्धव ने कहा कि वे इस मामले में चुप्पी नहीं साधेंगे और उन सभी लोगों को अपने साथ जोड़ेंगे जो मंदिर के चढ़ावे के गबन से आक्रोशित हैं।

भाजपा पर राजनीतिक लाभ उठाने का गंभीर आरोप
ठाकरे ने भाजपा पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना के कार्यकर्ताओं और अन्य हिंदुओं ने बढ़-चढ़कर बलिदान दिया था। उन्होंने कारसेवकों पर हुए अत्याचारों और उस दौरान हुई अन्य त्रासदियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने केवल इन घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया और अब सत्ता का सुख भोग रही है। उन्होंने कहा कि आज जब देशभर में जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, तो भाजपा सरकार उदासीन बनी हुई है। ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या राम मंदिर का निर्माण केवल सत्ता प्राप्ति का एक माध्यम था?
क्या ‘ऑपरेशन राम मंदिर’ से हुई विधायकों की खरीद-फरोख्त?
शिवसेना प्रमुख ने इस पूरे मामले को एक विवादास्पद मोड़ देते हुए पूछा कि क्या राम मंदिर से कथित रूप से चोरी किया गया धन विपक्षी विधायकों की खरीद-फरोख्त (ऑपरेशन लोटस) में खर्च किया गया है? उन्होंने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि क्या अब पार्टी ‘ऑपरेशन राम मंदिर’ चला रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन “अब हिंदू मार नहीं खाएगा” के जवाब में ठाकरे ने अपना नया नारा दिया—”अब हिंदू माफ नहीं करेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि हिंदुत्व के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट या भ्रष्टाचार को अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
बलिदानों का अपमान और न्याय की मांग
अंत में, उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर के लिए दिए गए बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि दानपात्रों की चोरी में शामिल हर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ठाकरे का यह रुख स्पष्ट करता है कि आगामी दिनों में भाजपा और शिवसेना (UBT) के बीच यह मुद्दा राजनीतिक संघर्ष का मुख्य केंद्र रहने वाला है। ठाकरे ने कहा कि “मंदिर वहीं बनाएंगे” का नारा भाजपा के लिए केवल एक दिखावा साबित हुआ है, और अब समय आ गया है कि जनता उनसे पाई-पाई का हिसाब मांगे।











