Andhra Pradesh Politics : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाते हुए एक बड़ा दावा किया। रेड्डी ने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रमुख और NDA गठबंधन के सदस्य चंद्रबाबू नायडू, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संपर्क में हैं और दोनों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर बातचीत हो रही है। इस बयान ने राज्य की सियासी स्थिति को और भी ज्यादा गर्म कर दिया है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या NDA को बड़ा झटका लग सकता है?

TDP ने खारिज किया रेड्डी का दावा
जगन मोहन रेड्डी के इस दावे के बाद TDP ने तुरंत इसका खंडन किया और इसे सिरे से नकार दिया। TDP की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. ज्योत्सना तिरुनगरी ने कहा, “पार्टी की सीधी हॉटलाइन केवल आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ है।” उन्होंने रेड्डी के आरोपों को झूठा और निराधार बताया और कहा कि यह सब उनकी निराशा और चुनावी डर का परिणाम है। तिरुनगरी ने आगे कहा कि जगन मोहन रेड्डी को शराब घोटाले में अपनी भूमिका पर जवाब देना चाहिए, जहां उनकी पार्टी की कथित संलिप्तता की जांच एसआईटी कर रही है।

आंध्र प्रदेश की राजनीति पर आरोप-प्रत्यारोप
जगन मोहन रेड्डी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए TDP प्रवक्ता ने कहा कि आंध्र प्रदेश में 30 से 35 साल बाद निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं, और इस बार पुलिवेंदुला और वोंटीमिट्टा में सभी उम्मीदवारों को प्रचार करने का अवसर मिला है। प्रो. ज्योत्सना ने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी चुनावी हार के डर से बकवास कर रहे हैं और अपने कुप्रबंधन से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
रेड्डी ने यह भी कहा कि जब 2024 के चुनावों में वोट चोरी का मुद्दा उठाया गया था, तब राहुल गांधी ने उनका समर्थन क्यों नहीं किया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब मतदान और काउंटिंग के बीच मतों का अंतर 12 प्रतिशत था, तो इस अंतर को कैसे समझा जाए?
भ्रष्टाचार का आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि आंध्र प्रदेश में चल रही गठबंधन सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है, लेकिन राहुल गांधी इस पर चुप हैं। उनका कहना था कि राज्य की जनता के हित में यह मुद्दा गंभीर है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
आगामी चुनावों के असर
जगन मोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू के बीच बढ़ती राजनीतिक तकरार से यह स्पष्ट है कि आंध्र प्रदेश की राजनीति आगामी विधानसभा चुनावों के लिए और भी गर्म हो सकती है। जहां रेड्डी ने अपने विरोधियों को निशाना बनाया, वहीं TDP ने आरोपों का खंडन करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद का असर राज्य की सियासी स्थिति पर क्या पड़ता है और आगामी चुनावों में किसका पलड़ा भारी होता है।
आंध्र प्रदेश में जारी सियासी घमासान में अब एक नया मोड़ आ गया है, जिसमें जगन मोहन रेड्डी के आरोपों ने राजनीतिक परिदृश्य को और दिलचस्प बना दिया है। चंद्रबाबू नायडू और राहुल गांधी के बीच कथित ‘हॉटलाइन’ के दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, और दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। ऐसे में यह देखना होगा कि आगामी चुनावों में यह सियासी तूफान किसके पक्ष में जाता है।










