Independence Day 2025 : 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। इस बार पीएम मोदी ने 103 मिनट तक बोलकर अपने अब तक के सभी स्वतंत्रता दिवस भाषणों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

जीएसटी में बड़े बदलाव की घोषणा


प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को लेकर आम जनता को बड़ी राहत देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा,”इस दिवाली, देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है। आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती की जाएगी।”
पीएम मोदी ने संकेत दिया कि सरकार जीएसटी को और अधिक जन-हितैषी और सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने इसे “समय की मांग” बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी के जीएसटी सुधारों पर काम शुरू हो चुका है, जिसका उद्देश्य टैक्स का बोझ कम करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।
युवाओं के लिए ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’
देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने 1 लाख करोड़ रुपए के रोजगार पैकेज की घोषणा की।”आज से ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ लागू हो रही है। इसके तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार ₹15,000 की आर्थिक सहायता देगी,” प्रधानमंत्री ने कहा। यह योजना युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और निजी क्षेत्र को अधिक रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।
आतंकवाद पर सख्त रुख: ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने इसका करारा जवाब दिया है। “हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मन की धरती पर सैकड़ों किलोमीटर भीतर जाकर आतंकियों के हेडक्वार्टर को नष्ट कर दिया।”उन्होंने कहा कि “भारत अब न्यूक्लियर धमकियों से डरने वाला देश नहीं है। पाकिस्तान की नींद इस जवाब से उड़ी हुई है।”
सबसे लंबा भाषण, इतिहास में दर्ज

प्रधानमंत्री मोदी का यह 103 मिनट का भाषण अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन बन गया है। इससे पहले उनका सबसे लंबा भाषण 2024 में 98 मिनट का था।
प्रधानमंत्री मोदी का यह भाषण केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत के संकल्प का प्रतीक था। जीएसटी में कटौती से जहां आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं रोजगार योजना युवाओं के लिए आशा की किरण बनकर आई है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत की जवाबी कार्रवाई अब और निर्णायक हो चुकी है।











