15 अगस्त की सुबह पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न को मातम में बदल दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर फेरी घाट और फागुपुर के बीच यह दर्दनाक हादसा हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। हादसे में 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 36 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसा सुबह के समय हुआ जब एक निजी बस, जो श्रद्धालुओं को लेकर बिहार से पश्चिम बंगाल आई थी, खड़े ट्रक से तेज रफ्तार में टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई लोग बस के अंदर ही फंस गए।


घायलों का इलाज जारी
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। घायलों को बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने कहा कि हाईवे पर खड़े भारी वाहन लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रकों और वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
कहां से आए थे श्रद्धालु?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस बिहार के मोतिहारी जिले के चिरैया थाना क्षेत्र के सरसौआ घाट से श्रद्धालुओं को लेकर पश्चिम बंगाल आई थी। यह धार्मिक यात्रा तारकेश्वर धाम और अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए आयोजित की गई थी। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालु बिहार लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे की वजह ड्राइवर की लापरवाही, ट्रक की अवैध पार्किंग या बस की तकनीकी खराबी—इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
स्वतंत्रता दिवस के दिन घटित यह हादसा न सिर्फ कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उम्मीद है कि प्रशासन आवश्यक कदम उठाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास करेगा।










