Pakistan floods 2025 : पाकिस्तान में बीते 48 घंटों के दौरान आई भयंकर बाढ़ ने तबाही मचा दी है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 321 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुआ, जहां नदियों के उफान और घरों के ढहने से 307 लोग मारे गए हैं।

तेज बारिश से कई जिलों में अचानक आई बाढ़
पाकिस्तान के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़ आई, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान गई। बारिश और बाढ़ की वजह से कई इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। भारी वर्षा के चलते नदियाँ उफान पर आ गईं, जिससे आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो गए और लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

बचाव कार्यों में जुटे हजारों रेस्क्यूकर्मी, पहुंच अभी भी चुनौती
अधिकारियों ने बताया कि नौ जिलों में करीब 2,000 से ज्यादा बचावकर्मी और राहत दल रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण बचाव दलों की पहुंच अभी भी सीमित बनी हुई है। राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं।
लैंडस्लाइड और सड़कों के बहने से सहायता पहुंचाना मुश्किल
खैबर पख्तूनख्वा की बचाव एजेंसी के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने AFP को बताया कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है। इसके अलावा कई मुख्य सड़कें बह गई हैं, जिससे राहत सामग्री और विशेषकर भारी मशीनरी तथा एम्बुलेंस लेकर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने जताई मदद की अपील
स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय सहायता और सरकार से अधिक संसाधन मुहैया कराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि राहत और बचाव कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए बाहरी मदद की सख्त जरूरत है ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
पाकिस्तान में बाढ़ की इस भीषण तबाही ने बड़ी संख्या में लोगों की जान ली है और हजारों को विस्थापित कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा है, जहां नदियों के उफान और भूस्खलन ने व्यापक क्षति पहुंचाई है। राहत कार्य अभी भी चुनौतिपूर्ण हैं और अधिकारियों द्वारा स्थानीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद जुटाने की कोशिशें तेज की जा रही हैं।










