Alaska summit EU : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई बैठक के बाद यूरोपियन यूनियन के प्रमुख नेताओं ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे यूक्रेन का समर्थन जारी रखेंगे और उसकी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सुरक्षा गारंटी देने पर जोर देंगे। यूरोपीय देशों ने यह भी कहा कि वे जबरदस्ती यूक्रेन की सीमा में किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

नेताओं का संयुक्त बयान और ट्रंप की जानकारी
यूरोपियन यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर समेत अन्य शीर्ष नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि ट्रंप ने 15 अगस्त को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई बैठक के बाद विस्तृत जानकारी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं को दी है।

राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों का स्वागत
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि नेताओं ने ट्रंप के उन प्रयासों का स्वागत किया है, जिनका उद्देश्य यूक्रेन में हत्याओं को रोकना, रूस के आक्रामक युद्ध को समाप्त करना और न्यायपूर्ण व स्थायी शांति स्थापित करना है। ट्रंप के कथन के अनुसार “जब तक समझौता नहीं होता, तब तक कोई डील नहीं होती।” अब ट्रंप का अगला कदम राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ आगे की बातचीत करना होगा, जिससे वे जल्द मुलाकात करेंगे।
यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी की जरूरत
यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे ट्रंप और जेलेंस्की के साथ मिलकर त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर दिया कि यूक्रेन को अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए। अमेरिका की सुरक्षा गारंटी देने की तत्परता का स्वागत करते हुए बयान में कहा गया कि गठबंधन सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है और यूक्रेन की सेना या उसके सहयोगी देशों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।
यूक्रेन की संप्रभुता और सीमा संबंधी दावे
यूरोपियन नेताओं ने जोर दिया कि यूक्रेन को अपने क्षेत्र पर निर्णय लेने का अधिकार है और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को बलपूर्वक नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपियन यूनियन यूक्रेन के समर्थन में दृढ़ है और युद्ध समाप्ति तथा न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

रूस पर जारी रहेगा कड़ा दबाव
बयान में यह भी कहा गया कि जब तक यूक्रेन में हिंसा और हत्याएं जारी रहेंगी, तब तक रूस पर आर्थिक और अन्य प्रतिबंधों को बढ़ाकर दबाव बनाए रखा जाएगा। यूरोपीय संघ रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर लगातार कार्रवाई करेगा, ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके और शांति स्थापित हो।
यूक्रेन को अटूट समर्थन की प्रतिबद्धता
नेताओं ने भरोसा जताया कि यूक्रेन यूरोप की सुरक्षा हितों के साथ-साथ अपनी खुद की सुरक्षा के लिए भी अटूट समर्थन पा सकता है। वे एक ऐसी शांति की दिशा में काम कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी।
यूरोपीय आयोग की प्रतिक्रिया और सहयोगी नेताओं से संवाद
यूरोपीय आयोग की प्रवक्ता एरियाना पोडेस्टा ने बताया कि ट्रंप ने जेलेंस्की, जर्मन चांसलर मर्ज़, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर, इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी, फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब, पोलैंड के राष्ट्रपति नवरोकी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन और नाटो महासचिव मार्क रूट से भी बात की है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का जोरदार समर्थन
बैठक के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वे यूक्रेन का समर्थन जारी रखेंगे और रूस पर दबाव बनाते रहेंगे जब तक कि रूस का आक्रामक युद्ध खत्म न हो जाए और एक स्थायी शांति स्थापित न हो। उन्होंने अमेरिका के सहयोग को भी स्वागत किया और कहा कि वे सभी सहयोगियों के साथ मिलकर इस दिशा में ठोस प्रगति करेंगे। मैक्रों ने यह भी कहा कि रूस की पिछली कार्रवाइयों से मिले सबक सीखना आवश्यक है।
यूरोप की एकजुटता और जिम्मेदारी
मैक्रों ने कहा कि यूरोपियन देश अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहेंगे और जिम्मेदारी से काम करेंगे। फ्रांस पूरी तरह से यूक्रेन के पक्ष में है और इस संकट के समाधान के लिए सहयोग जारी रखेगा। अलास्का में ट्रंप-पुतिन की बैठक के बाद यूरोपीय नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे यूक्रेन का हर हाल में समर्थन करेंगे और उसकी सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करेंगे। रूस के खिलाफ प्रतिबंध और दबाव जारी रखेंगे ताकि युद्ध समाप्त हो और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके। इस महत्वपूर्ण दौर में यूरोप की एकजुटता यूक्रेन के लिए मजबूत सहयोग का संदेश देती है।











