Russia Venera-D mission : रूस 2036 से पहले भेजेगा शुक्र ग्रह पर वेनेरा-डी मिशन, तैयारियां शुरू

Russia Venera-D mission : रूस ने 2036 से पहले अपने महत्वाकांक्षी वेनेरा-डी मिशन को शुक्र ग्रह (वीनस) पर भेजने की योजना बनाई है। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (आईकेआई) के ग्रह भौतिकी विभाग प्रमुख ओलेग कोराबलेव ने बताया कि यह मिशन अब देश के नए राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका प्रारंभिक डिजाइन कार्य जनवरी 2026 से शुरू होगा। मिशन की रूपरेखा पर दो साल चलेगा डिजाइन कार्य कोराबलेव के अनुसार, मिशन के डिजाइन चरण में करीब दो साल का समय लगेगा और यह काम रूस की प्रमुख अंतरिक्ष कंपनी लावोचकिन एसोसिएशन के सहयोग से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिशन की लॉन्च तारीख डिजाइन कार्य पूरा होने के बाद ही तय की जाएगी, लेकिन यह 2036 से पहले ही लॉन्च होगा, यह तय है। लैंडर, बैलून और ऑर्बिटर होंगे मिशन का हिस्सा वेनेरा-डी मिशन में तीन प्रमुख घटक शामिल होंगे – एक लैंडर, एक बैलून प्रोब, और एक कक्षीय अंतरिक्ष यान (ऑर्बिटर)। इस साल की शुरुआत में आईकेआई के वैज्ञानिक निदेशक लेव जेलेनी ने भी कहा था कि मिशन की संभावित लॉन्च विंडो 2034 या 2035 में हो सकती है। फिलहाल इसके तकनीकी और वैज्ञानिक पक्षों पर समन्वय बैठकें जारी हैं। आईएसएस पर किया सफल डॉकिंग इसी महीने की शुरुआत में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत रूस, अमेरिका और जापान के अंतरिक्ष यात्रियों की संयुक्त टीम ने नासा के रोटेशन मिशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफलतापूर्वक डॉकिंग की। यह मिशन क्रू-11 के नाम से जाना गया। स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट से रवाना हुआ था क्रू-11 मिशन क्रू-11 मिशन में नासा के अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन और माइक फिन्के, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जाक्सा) के किमिया यूई और रूसी स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस के ओलेग प्लाटोनोव शामिल थे। यह दल 1 अगस्त को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से रवाना हुआ था। आईएसएस पर पहले से मौजूद टीम से जुड़ी क्रू-11 टीम लगभग 15 घंटे की यात्रा के बाद यह दल आईएसएस पहुंचा और वहां पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों से मिला। पहले से मौजूद टीम में नासा के ऐनी मैकक्लेन, निकोल एयर्स और जॉनी किम, जाक्सा के ताकुया ओनिशी, और रोस्कोस्मोस के किरिल पेसकोव, सर्गेई रियाजिकोव और अलेक्सी जुब्रित्स्की शामिल थे। रूस का वेनेरा-डी मिशन जहां शुक्र ग्रह के रहस्यों से पर्दा उठाने की दिशा में एक नया कदम है, वहीं आईएसएस पर बहुराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों की हालिया सफल डॉकिंग अंतरिक्ष सहयोग की नई मिसाल पेश करती है। दोनों ही घटनाएं आने वाले वर्षों में वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान को एक नई दिशा दे सकती हैं। Read More  : US Russia Ukraine Summit : अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच संभावित त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन की तैयारी, ट्रंप ने शांति समझौते का रखा प्रस्ताव

Russia Venera-D mission : रूस ने 2036 से पहले अपने महत्वाकांक्षी वेनेरा-डी मिशन को शुक्र ग्रह (वीनस) पर भेजने की योजना बनाई है। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (आईकेआई) के ग्रह भौतिकी विभाग प्रमुख ओलेग कोराबलेव ने बताया कि यह मिशन अब देश के नए राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका प्रारंभिक डिजाइन कार्य जनवरी 2026 से शुरू होगा।

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मिशन की रूपरेखा पर दो साल चलेगा डिजाइन कार्य

कोराबलेव के अनुसार, मिशन के डिजाइन चरण में करीब दो साल का समय लगेगा और यह काम रूस की प्रमुख अंतरिक्ष कंपनी लावोचकिन एसोसिएशन के सहयोग से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिशन की लॉन्च तारीख डिजाइन कार्य पूरा होने के बाद ही तय की जाएगी, लेकिन यह 2036 से पहले ही लॉन्च होगा, यह तय है।

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लैंडर, बैलून और ऑर्बिटर होंगे मिशन का हिस्सा

वेनेरा-डी मिशन में तीन प्रमुख घटक शामिल होंगे – एक लैंडर, एक बैलून प्रोब, और एक कक्षीय अंतरिक्ष यान (ऑर्बिटर)। इस साल की शुरुआत में आईकेआई के वैज्ञानिक निदेशक लेव जेलेनी ने भी कहा था कि मिशन की संभावित लॉन्च विंडो 2034 या 2035 में हो सकती है। फिलहाल इसके तकनीकी और वैज्ञानिक पक्षों पर समन्वय बैठकें जारी हैं।

आईएसएस पर किया सफल डॉकिंग

इसी महीने की शुरुआत में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत रूस, अमेरिका और जापान के अंतरिक्ष यात्रियों की संयुक्त टीम ने नासा के रोटेशन मिशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफलतापूर्वक डॉकिंग की। यह मिशन क्रू-11 के नाम से जाना गया।

स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट से रवाना हुआ था क्रू-11 मिशन

क्रू-11 मिशन में नासा के अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन और माइक फिन्के, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जाक्सा) के किमिया यूई और रूसी स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस के ओलेग प्लाटोनोव शामिल थे। यह दल 1 अगस्त को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से रवाना हुआ था।

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आईएसएस पर पहले से मौजूद टीम से जुड़ी क्रू-11 टीम

लगभग 15 घंटे की यात्रा के बाद यह दल आईएसएस पहुंचा और वहां पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों से मिला। पहले से मौजूद टीम में नासा के ऐनी मैकक्लेन, निकोल एयर्स और जॉनी किम, जाक्सा के ताकुया ओनिशी, और रोस्कोस्मोस के किरिल पेसकोव, सर्गेई रियाजिकोव और अलेक्सी जुब्रित्स्की शामिल थे।

रूस का वेनेरा-डी मिशन जहां शुक्र ग्रह के रहस्यों से पर्दा उठाने की दिशा में एक नया कदम है, वहीं आईएसएस पर बहुराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों की हालिया सफल डॉकिंग अंतरिक्ष सहयोग की नई मिसाल पेश करती है। दोनों ही घटनाएं आने वाले वर्षों में वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान को एक नई दिशा दे सकती हैं।

Read More  : US Russia Ukraine Summit : अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच संभावित त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन की तैयारी, ट्रंप ने शांति समझौते का रखा प्रस्ताव

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