Trump Ukraine NATO : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से होने वाली आज की महत्वपूर्ण मुलाकात से पहले एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि यूक्रेन का नाटो में शामिल होना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि जेलेंस्की चाहें तो रूस के साथ चल रहे युद्ध को तुरंत समाप्त कर सकते हैं, या फिर लड़ाई को जारी रखने का विकल्प भी उनके पास है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का विवादास्पद बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि जेलेंस्की चाहें तो रूस के साथ युद्ध लगभग तुरंत खत्म कर सकते हैं। उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई थी, इसे याद करना चाहिए। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ओबामा को क्रीमिया वापस नहीं मिल सकता, जो 12 साल पहले बिना किसी गोलीबारी के रूस के कब्जे में चला गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं।

आज वॉशिंगटन में होगी महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक
ट्रंप का यह विवादास्पद बयान अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले आया है। यह रणनीतिक बैठक आज वॉशिंगटन में आयोजित होनी है, जिसमें यूक्रेन संकट और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा होगी। इससे पहले 15 अगस्त को ट्रंप की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलास्का में एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग के बाद ट्रंप ने स्वीकार किया था कि इससे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में कोई विशेष सफलता नहीं मिली।
शांति समझौते पर ट्रंप का जोर
ट्रंप ने केवल युद्धविराम के बजाय एक व्यापक शांति समझौते की आवश्यकता पर अपना रुख दोहराया है। उनका कहना है कि पुतिन वार्ता के लिए तैयार हैं और अब निर्णायक फैसला जेलेंस्की के हाथों में है। आज वॉशिंगटन में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, नाटो महासचिव मार्क रूटे, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी शामिल होंगे।
पुतिन-ट्रंप मुलाकात के बाद व्यापक कूटनीतिक गतिविधि
व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान के अनुसार, अलास्का से वॉशिंगटन वापस लौटते समय ट्रंप ने जेलेंस्की के साथ एक लंबी और विस्तृत बातचीत की। इसके तुरंत बाद उन्होंने नाटो के प्रमुख नेताओं से भी टेलीफोनिक वार्ता की। अलास्का समिट के निष्कर्षों को साझा करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों ही चाहते हैं कि वह शांति वार्ता में एक सक्रिय भूमिका निभाएं, इसलिए वह इस प्रक्रिया में उपस्थित रहेंगे।
ट्रंप-जेलेंस्की संबंधों का तनावपूर्ण इतिहास
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच पिछली मुलाकात इस साल जून में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। इससे पहले फरवरी में जेलेंस्की की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच मीडिया के सामने तीखी बहस और विवाद हुआ था। उस मीटिंग में ट्रंप ने जेलेंस्की पर शांति के लिए तैयार नहीं होने और अमेरिका की नीतियों का सम्मान न करने के गंभीर आरोप लगाए थे। यह तनावपूर्ण रिश्ता आज की बैठक की पृष्ठभूमि तैयार कर रहा है।
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