Bihar Politics : बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना के सचिवालय पुलिस स्टेशन में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरजेडी स्टूडेंट विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव और सात अन्य लोगों पर अपनी हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस को दी गई शिकायत में तेज प्रताप ने दावा किया है कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से उनकी छवि धूमिल करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। तेज प्रताप ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि उनके बीमार पिता लालू प्रसाद यादव को भी इन साजिशों के जरिए परेशान करने की कोशिश की जा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

आकाश यादव द्वारा तेज प्रताप के खिलाफ दर्ज FIR
इस विवाद के दूसरे पक्ष में, छात्र आरजेडी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। न्यायालय के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) दिव्यांजलि जायसवाल ने बताया कि शिकायतकर्ता आकाश यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस के पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के तौर पर सौंपी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता को अमेरिका (U.S.) के एक अज्ञात नंबर से कॉल कर धमकाया गया था। पुलिस अब इन सभी तकनीकी पहलुओं और कॉल की सत्यता की गहन जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जबरन घर में घुसने और धमकी देने के गंभीर आरोप
आकाश यादव ने अपनी FIR में आरोप लगाया है कि 6 जून को जब वह खाटू श्याम की तीर्थ यात्रा पर गए थे, तब तेज प्रताप यादव अपने साथी मोतीलाल यादव के साथ उनके पाटलिपुत्र स्थित घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद परिजनों के साथ बदसलूकी की और घर में जबरन घुसने का प्रयास किया। शिकायत के अनुसार, बाद में आकाश को मोतीलाल यादव और एक अज्ञात व्यक्ति के फोन कॉल आए, जिन्होंने खुद को किसी आपराधिक गिरोह का सदस्य बताते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। फोन करने वाले ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी कि वे पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर कोई भी बयानबाजी बंद कर दें।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना यह विवाद
पटना की राजनीति में इस समय यह मामला चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है। एक तरफ पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ आकाश यादव ने सुरक्षा और जान का खतरा बताते हुए कानूनी रास्ते का सहारा लिया है। पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की स्वतंत्र जांच कर रही है। कानून की प्रक्रिया अपनी जगह काम कर रही है, लेकिन इस घटना ने बिहार के राजनीतिक माहौल में तनाव और अनिश्चितता का संचार कर दिया है।











