Vice President Election 2025 : भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) को उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी बनाया गया है। अब सबकी नजरें विपक्षी INDIA गठबंधन पर टिकी हैं कि वे क्या रणनीति अपनाते हैं और अपना उम्मीदवार किसे बनाते हैं।

NDA की ओर से C.P. राधाकृष्णन की उम्मीदवारी
67 वर्षीय सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति में एक सम्मानित और अनुभवी चेहरा हैं। किशोरावस्था में ही उन्होंने RSS और जनसंघ से जुड़कर सामाजिक जीवन की शुरुआत की थी। वह 1998 और 1999 में कोयंबटूर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। उनके समर्थक उन्हें “तमिलनाडु का मोदी” कहकर पुकारते हैं।

राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ राधाकृष्णन ने झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी जैसे राज्यों में राज्यपाल या उपराज्यपाल के रूप में काम किया है। 31 जुलाई 2024 को उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। वह ओबीसी समुदाय से आते हैं, जो उनकी उम्मीदवारी को सामाजिक दृष्टिकोण से भी खास बनाता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और अगली रणनीति
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “उपराष्ट्रपति पद खाली है तो बनना ही था। एक उपराष्ट्रपति थे, वे कहां हैं? नए बन जाएंगे, अच्छी बात है। हम क्या फैसला लेंगे, वो अलग बात है।” उनकी यह टिप्पणी संकेत देती है कि विपक्ष फिलहाल सामूहिक निर्णय की ओर बढ़ रहा है।
वहीं सपा नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि, “NDA ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, अब INDIA गठबंधन भी जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा।” इससे यह साफ है कि विपक्ष अभी एकजुटता के साथ किसी नाम पर सहमति बनाने की प्रक्रिया में है।
राजनीतिक समीकरण और सामाजिक संकेत
C.P. राधाकृष्णन की उम्मीदवारी दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु, में भाजपा की पैठ को मजबूत करने का प्रयास मानी जा रही है। साथ ही, ओबीसी कार्ड के जरिए भाजपा ने विपक्ष की सामाजिक न्याय की राजनीति को भी संतुलित करने की कोशिश की है। उनका प्रशासनिक अनुभव, संघ से जुड़ाव और संगठनात्मक दक्षता उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाते हैं।
अब सबकी निगाहें विपक्षी INDIA गठबंधन पर टिकी हैं कि वे किसे अपना उम्मीदवार बनाते हैं। क्या वे एकजुट होकर NDA को कड़ी टक्कर देंगे या फिर अंत तक असमंजस बना रहेगा? आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज़ होने की उम्मीद है।










