Surajpur protest : सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में धरना प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे। अभी सोमवार को ही जनपद सीईओ को हटाने की मांग को लेकर हुए धरना प्रदर्शन के बाद मंगलवार को भी एसडीएम कार्यालय के परिसर में एक और धरना प्रदर्शन देखने को मिला। जहां पंडाल में बैठे क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी व सरपंचों ने 15 अगस्त को हुए ध्वजारोहण में भेदभाव किए जाने का आरोप लगा स्थानीय विधायक व प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

लगभग दो घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद जनप्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर ही एसडीएम ललिता भगत को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप ध्वजारोहण में भेदभाव करने वाले जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई करने मांग की। मामले को लेकर क्षेत्र क्रमांक 11 के जिला पंचायत सदस्य सुरेश आयम ने बताया कि 13 अगस्त को स्थानीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने लेटर पैड में एक सूची बनाकर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को भेजी थी। जिसमें स्पष्ट रूप से विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया था कि 15 अगस्त को क्षेत्र की सभी पंचायतों के स्कूलों में केवल भाजपा के कार्यकर्ता ही ध्वजारोहण करेंगे।

जब सुरेश आयाम व पंचायत प्रतिनिधियों को इस बात की जानकारी हुई तो सभी ने इस नियम विरुद्ध फरमान का विरोध करते हुए 14 अगस्त को एसडीएम कार्यालय जाकर एक ज्ञापन सौंपा था। जिसमें कहा गया था कि पंचायत प्रतिनिधियों के मान सम्मान व प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए उन्हें 15 अगस्त को ध्वजारोहण करने दिया जाए। पर उक्त मामले में एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसके कारण क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधि ध्वजारोहण करने से वंचित रह गए। इसके उपरांत 16 अगस्त को फिर से एक ज्ञापन सौंप पंचायत प्रतिनिधियो का अपमान व उपेक्षा करने के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
कार्रवाई न होने पर एसडीएम कार्यालय परिसर में 19 अगस्त को धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई थी। पर इसके बावजूद जब मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हमने अपनी निर्धारित चेतावनी के अनुसार आज धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में धरने में शामिल बीडीसी प्रतिनिधि संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि जनता द्वारा चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों को ध्वजारोहण कार्यक्रम से दूर रखना केवल उनका ही नहीं बल्कि जनता का भी अपमान है इस तरह के कृत्य की हम घोर निंदा करते हैं। धरना प्रदर्शन में बीडीसी राजू सिंह आयम, धन सिंह मराबी, हरेलाल पैकरा, राजबली धुर्वे, विनोद नेताम, खुंशी सरपंच रामजय रमते, सरपंच प्रतिनिधि त्रिभुवन सिंह टेकाम व अन्य पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
धरने को मिला कांग्रेसियों का समर्थन
इधर धरना स्थल पर पहुंचे आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शिव भजन सिंह मराबी, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री नवीन जायसवाल, कांग्रेस नेता मासूम ईराकी, एनएसयूआई के जिला सचिव दिलशाद अंसारी (गोल्डी) व अन्य कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि भाजपा सरकार में जनप्रतिनिधियों का अपमान होना कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व भी क्षेत्र में हुए कई शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को दरकिनार करने की खबरें सुर्खियां बटोर चुकी हैं।
पुलिस बल रहा मौके पर मौजूद
धरना स्थल पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने की दृष्टि से एसडीओपी पुलिस अनूप कुमार एक्का व थाना प्रभारी अमित कौशिक दलबल के साथ मौजूद रहे।











