राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपी टिन्नू यादव की पत्नी का 50 करोड़ और 45 करोड़ दान वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा, किसे दी खुली चुनौती और इस बयान के पीछे क्या है पूरी कहानी? जानिए सभी अहम तथ्य।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपी टिन्नू यादव की पत्नी का 50 करोड़ और 45 करोड़ दान वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा, किसे दी खुली चुनौती और इस बयान के पीछे क्या है पूरी कहानी? जानिए सभी अहम तथ्य।

Ram Mandir Donation Row : अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों में कथित हेराफेरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इस विवाद ने तब नया मोड़ ले लिया जब मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की पत्नी, पूनम यादव, अपने पति के समर्थन में खुलकर सामने आईं। पूनम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सीधा निशाना साधते हुए दावा किया है कि इस पूरे प्रकरण में असली दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और उनके पति को केवल एक ‘बलि का बकरा’ बनाकर फंसाया गया है। उनके इस दावे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र और ट्रस्ट की भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए पूनम यादव बेहद भावुक दिखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पति टिन्नू यादव कोई अपराधी नहीं, बल्कि दशकों से हिंदुत्व विचारधारा के प्रति समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। पूनम ने याद दिलाया कि उनके पति 1992 के ऐतिहासिक राम मंदिर आंदोलन के समय से ही भगवा झंडे के साथ सक्रिय रहे हैं। उनका दावा है कि टिन्नू यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया है। उन्होंने सवाल किया कि जो व्यक्ति वर्षों से संगठन के लिए समर्पित रहा, वह भला मंदिर के पैसों की चोरी कैसे कर सकता है?

परिवार पर लग रहे अवैध संपत्ति और करोड़ों के घोटाले के आरोपों का खंडन करते हुए पूनम यादव ने एक बड़ी चुनौती पेश की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके पास 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति और लग्जरी गाड़ियाँ हैं, तो उन्होंने इसे पूरी तरह से निराधार बताया। पूनम ने मीडिया के सामने कहा कि यदि जांच में उनके पास 50 करोड़ की संपत्ति साबित होती है, तो वे उसमें से 45 करोड़ रुपये ट्रस्ट को सौंपने के लिए तैयार हैं और मात्र 5 करोड़ रुपये ही अपने पास रखेंगी। उन्होंने इन दावों को अपने परिवार की छवि खराब करने की साजिश करार दिया है।
दूसरी ओर, पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला ‘विश्वासघात’ का है। पुलिस जांच में सामने आया है कि टिन्नू यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के ड्राइवर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। समय के साथ उन्होंने मंदिर प्रशासन और वीआईपी मैनेजमेंट में अपनी पैठ बना ली। पुलिस का मुख्य आरोप है कि टिन्नू यादव के पास दान वाली राशि गिनने वाले कमरे की चाबियां मौजूद थीं। इसी अनधिकृत पहुंच का लाभ उठाकर उन पर दान पेटियों की रकम में हेरफेर करने का आरोप है। पुलिस का तर्क है कि टिन्नू ने अपनी स्थिति का गलत फायदा उठाया, जबकि दूसरी तरफ पूनम यादव का कहना है कि सच्चाई को दबाया जा रहा है और उनके पति को जानबूझकर इन आरोपों में फंसाया जा रहा है। यह मामला अब एक बड़ी कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ चुका है।
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