Putin Zelensky meeting : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खुलासा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताया कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं। यह जानकारी तीन साल से अधिक समय से चल रहे यूक्रेन युद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है। फॉक्स न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा, “यह तथ्य कि पुतिन कह रहे हैं, हां, मैं जेलेंस्की से मिलूंगा – यह बड़ी बात है। मैं यह नहीं कह रहा कि वे उस कमरे से सबसे अच्छे दोस्त बनकर निकलेंगे, और न ही यह कि वे शांति समझौते के साथ निकलेंगे। लेकिन यह तथ्य कि लोग अब एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, यह पिछले साढ़े तीन साल में नहीं हो रहा था। यह एक ठप पड़ा युद्ध था, जिसमें मृत्यु और विनाश हो रहा था।”

त्रिपक्षीय बैठक की संभावना
मार्को रुबियो ने आगे बताया कि अमेरिका पुतिन और जेलेंस्की के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की दिशा में काम कर रहा है। यदि यह बैठक सफल रही, तो इसके बाद ट्रंप के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी। रुबियो ने कहा, “जहां हम एक समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद करते हैं। हम अभी वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन यही हमारा लक्ष्य है। इस पर चर्चा की गई कि उस बिंदु तक कैसे पहुंचा जाए। दोनों पक्षों को समझौता करना होगा। दोनों पक्षों को देना और लेना होगा। एक पक्ष का 100 प्रतिशत हासिल करना आत्मसमर्पण जैसा होगा।”

ट्रंप की कूटनीतिक पहल
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, “बैठकों के समापन के बाद, मैंने राष्ट्रपति पुतिन को फोन किया और राष्ट्रपति पुतिन व राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच एक मुलाकात की व्यवस्था शुरू की, जिसका स्थान तय किया जाएगा। इसके बाद हम एक त्रिपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें दोनों राष्ट्रपति और मैं शामिल होंगे। इस प्रक्रिया में हमने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर चर्चा की, जिसमें यूरोप मुख्य भूमिका निभाएगा और वाशिंगटन के साथ समन्वय करेगा।”
जेलेंस्की का सकारात्मक रुख
जेलेंस्की ने ओवल ऑफिस में ट्रंप से आमने-सामने मुलाकात की, जो फरवरी में उनके बीच हुए तीखे विवाद के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पद के केंद्र में उनकी पहली व्यक्तिगत बैठक थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह बैठक उनकी अब तक की “सर्वश्रेष्ठ बैठक” थी। उन्होंने कहा कि इस पहल से दोनों देशों के बीच संवाद और विश्वास स्थापित होगा। इस पहल के तहत पुतिन ने पश्चिमी सुरक्षा गारंटी पर सहमति जताई और यूक्रेन के नाटो गठबंधन में शामिल होने की लंबित आकांक्षाओं को खारिज कर दिया। यह संकेत माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद और कूटनीतिक संपर्क का रास्ता खुल रहा है।
संभावित परिणाम और वैश्विक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच यह संभावित बैठक युद्धग्रस्त यूक्रेन के लिए शांति वार्ता का एक बड़ा कदम हो सकती है। इस तरह की कूटनीतिक पहल से न केवल युद्धविराम के लिए अवसर बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता में भी योगदान होगा। ट्रंप की सक्रिय मध्यस्थता को कई विशेषज्ञ वैश्विक कूटनीति में अहम कदम बता रहे हैं। यदि त्रिपक्षीय बैठक सफल रही, तो यह रूस-यूक्रेन संघर्ष में नई दिशा और संवाद का एक उदाहरण साबित हो सकता है।
मार्को रुबियो और ट्रंप की पहल ने पुतिन और जेलेंस्की के बीच संवाद और संभावित समझौते की उम्मीद जगाई है। तीन साल से अधिक समय से चले आ रहे युद्ध में यह पहला मौका हो सकता है जब दोनों राष्ट्राध्यक्ष सीधे बातचीत कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।










