Religious Return Bastar : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर ब्लॉक की अलनार पंचायत में एक परिवार ने 10 साल बाद अपने सनातनी धर्म को अपनाया। 10 साल पहले यह परिवार ईसाई धर्म को अपनाकर अपने मूल धर्म से दूर चला गया था। समाज के लोगों और गांव के बुजुर्गों की लगातार जागरूकता के बाद, परिवार ने पुनः अपने पारंपरिक धर्म की ओर लौटने का निर्णय लिया।

समाज और पुजारियों का मार्गदर्शन
परिवार के सभी 8 सदस्यों ने अपने समाज प्रमुखों और गांव के पुजारियों से संपर्क किया। समाज के वरिष्ठों ने उन्हें रीति-रिवाज और पूजा-पाठ के तरीके बताए। इसके बाद परिवार ने पूरी विधि-विधान के साथ अपने देवी-देवताओं का आव्हान किया और अपने मूल धर्म में पुनः प्रवेश किया। घर वापसी के दौरान परिवार के सदस्यों ने जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस अवसर पर गांव के लोग और समाज के प्रमुख भी मौजूद थे। उन्होंने परिवार का स्वागत किया और उन्हें अपने संस्कृति और परंपरा में लौटने पर बधाई दी।

समाज की भूमिका और परिवार की प्रतिबद्धता
गांव में यह कदम समाज में एक प्रेरणा का स्रोत बन गया है। समाज के प्रमुखों ने कहा कि यह उदाहरण दिखाता है कि अपने मूल धर्म और संस्कृति को अपनाना हमेशा सम्मानजनक और महत्वपूर्ण होता है। परिवार ने भी इस मौके पर अपने धर्म और परंपराओं का पालन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
धर्मांतरण और घर वापसी का संदेश
यह घटना बस्तर जिले में धर्मांतरण के विवादित मुद्दों के बीच एक सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आई है। यह दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और समाज की सक्रिय भूमिका से लोग अपनी जड़ों और संस्कृति की ओर लौट सकते हैं। गांव के अन्य लोग भी इसे प्रेरक उदाहरण मानते हुए अपनी परंपराओं और मूल धर्म की जानकारी जुटाने में रुचि दिखा रहे हैं।
10 साल बाद अपने मूल धर्म में लौटे इस परिवार की कहानी बस्तर के अलनार पंचायत में एक मिसाल बन गई है। यह न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने का संदेश देती है। समाज के वरिष्ठ और पुजारी परिवार की इस वापसी को लेकर खुश हैं और इसे आने वाले समय में प्रेरणा के रूप में देखते हैं।
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