Assam government order : 21 अगस्त 2025 को असम सरकार ने राज्य में वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दोपहर को कैबिनेट की बैठक के बाद इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की।मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले के पीछे मुख्य कारण के तौर पर सुरक्षा की बात कही। उन्होंने कहा कि यह कदम अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहचान पत्र प्राप्त करने से रोकने के लिए उठाया गया है।

अवैध प्रवासियों पर नियंत्रण की कोशिश
असम लंबे समय से अवैध प्रवासियों के मुद्दे से जूझ रहा है। इस निर्णय के जरिए सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान और राज्य में उनकी पहुंच को सीमित करना है। आधार कार्ड के माध्यम से प्रवासियों द्वारा सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रोक केवल वयस्कों (18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों) को आधार कार्ड जारी करने पर लागू होगी। बालक आधार कार्ड के मामले में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कैबिनेट की बैठक में क्या निर्णय हुए?
मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले के अलावा भी कई अन्य सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सरकार ने राज्य में नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम राज्य की सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी था। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे भी अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।
आधार कार्ड रोक के संभावित प्रभाव
इस फैसले से असम में आधार कार्ड बनवाने वाले वयस्कों को असुविधा हो सकती है, विशेषकर उन लोगों को जो पहली बार आधार बनवाना चाहते हैं। हालांकि सरकार का तर्क है कि यह कदम लंबे समय में राज्य की सुरक्षा के लिए फायदेमंद होगा।
देश भर में आधार कार्ड को पहचान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य किया गया है, लेकिन कई राज्यों में सुरक्षा और निजता से जुड़ी चिंताएं उठती रही हैं। असम सरकार का यह कदम इसी संदर्भ में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा सकता है।
सरकार का संदेश: सुरक्षा सर्वोपरि
असम सरकार ने साफ किया है कि वह राज्य के नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानती है और ऐसे कड़े निर्णय तभी लेती है जब देश और राज्य की सुरक्षा को खतरा महसूस हो। असम में रहने वाले नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों और निर्देशों का पालन करें और किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक चैनलों से संपर्क करें।
असम सरकार का यह कदम राज्य की सुरक्षा और अवैध प्रवासियों की पहुंच को रोकने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस निर्णय से आम नागरिकों को भी कुछ असुविधाएं हो सकती हैं, लेकिन सरकार ने इसे राज्य हित में आवश्यक बताया है। आगे इस नीति के लागू होने और प्रभावों पर नजर रखी जाएगी।
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