Patna Accident: बिहार के नालंदा जिले से दिल दहला देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। भाद्रपद अमावस्या पर गंगा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरे ऑटो को शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि 7 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मरने वालों में 7 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं।

कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक घटना पटना के दरियावां-हिलसा स्टेट हाईवे पर अल्ट्राटेक फैक्ट्री के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह लगभग 6 बजे श्रद्धालुओं से भरा ऑटो नालंदा के रेरी मलमा गांव से फतुहां गंगा स्नान कर लौट रहा था। तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर ने ऑटो को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और शव सड़क पर बिखर गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई घटना
हादसे के चश्मदीद राजीव रंजन ने बताया,“हम लोग स्नान करके लौट रहे थे। तभी अचानक एक टैंकर तेज रफ्तार में आया और ऑटो को रौंदते हुए निकल गया। दृश्य इतना भयावह था कि सड़क पर महिलाओं की चीख-पुकार मच गई। ऑटो पलटने के बाद सबकुछ बर्बाद हो गया। ड्राइवर मौके से फरार हो गया।”
एक ही गांव के थे सभी मृतक
पुलिस के मुताबिक, सभी मृतक और घायल नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलमा गांव के रहने वाले थे। हालांकि वे अलग-अलग परिवारों से थे। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया है। सुबह का धार्मिक उत्सव देखते-देखते शोक में बदल गया।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही शाहजहांपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद प्रशासन की ओर से किसी तरह की मदद नहीं मिली। पुलिस अब फरार टैंकर ड्राइवर की तलाश में जुटी है। हाईवे पर कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
शोक में डूबा गांव
हादसे के बाद पूरे मलमा गांव में कोहराम मच गया। गंगा स्नान के पावन अवसर पर लौटते समय हुई इस दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। गांव में हर घर से चीखें और रुदन की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
हादसे की वजह और सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर अक्सर भारी वाहन तेज रफ्तार में दौड़ते हैं और पुलिस इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं करती। हादसे के बाद लोग गुस्से में हैं और सरकार से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।











