Voter Adhikar Yatra: बिहार के अररिया से विपक्षी गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि देशभर में “वोट चोरी” हो रही है, जबकि तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को “गोदी आयोग” कहते हुए उसे भाजपा का कार्यकर्ता करार दिया।

राहुल गांधी का आरोप: “देशभर में वोट चोरी हो रही है”
राहुल गांधी ने कहा कि आज करोड़ों भारतीय मानते हैं कि वोटिंग प्रक्रिया में धांधली हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस को वोटर लिस्ट तक नहीं सौंपी गई। उन्होंने कहा, “हमने कर्नाटक में वोट चोरी के सबूत दिए, अब बिहार में ऐसा नहीं होने देंगे।” राहुल ने यह भी बताया कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान छोटे-छोटे बच्चे भी “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया कि कर्नाटक के महादेवापुरा क्षेत्र में 1 लाख फर्जी वोटर कहां से आए? उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने फर्जी वोटर्स की बात उठाई तो उनसे एफिडेविट मांगा गया, लेकिन जब भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने वही बात दोहराई तो चुनाव आयोग ने उनसे कोई एफिडेविट नहीं मांगा। उन्होंने कहा, “यह दिखाता है कि आयोग न्यूट्रल नहीं है।”

तेजस्वी यादव का तीखा तंज: “ECI अब गोदी आयोग बन चुका है”
राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “अब यह आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, बल्कि बीजेपी का कार्यकर्ता बन गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में घुसपैठियों की बात करते हैं, लेकिन चुनाव आयोग के एफिडेविट में एक भी घुसपैठिए का जिक्र नहीं है। तेजस्वी ने कहा, “यह दिखाता है कि BJP केवल भ्रम फैलाने की राजनीति करती है।”
मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य ने सवाल उठाए
वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि “वोट ही सबसे बड़ी ताकत है” और वह बिहार के गांव-गांव जाकर लोगों को उनके वोटिंग अधिकार के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वहीं भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया सुनवाई से साफ है कि चुनाव आयोग अब अपनी जिम्मेदारियों को राजनीतिक दलों पर थोप रहा है। उन्होंने कहा कि BLA (बूथ लेवल एजेंट) की जिम्मेदारी आयोग की है, फिर भी उसका भार दलों पर डाला जा रहा है। “बीजेपी के सबसे ज्यादा BLA होने के बावजूद उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं आई, इसका मतलब साफ है कि उनके वोट नहीं कटे,” उन्होंने कहा।
विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जताया अविश्वास
अररिया से उठी ये आवाजें एक बार फिर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव आयोग की साख पर सवाल खड़ा करती हैं। विपक्षी दलों का दावा है कि वोट चोरी और फर्जीवाड़े के जरिए लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है।










