Sourav Ganguly coach : भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज कप्तान सौरव गांगुली को एक नई और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। गांगुली को साउथ अफ्रीका टी-20 लीग की टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स का हेड कोच नियुक्त किया गया है। यह उनकी कोचिंग करियर की पहली बड़ी भूमिका है, जिसे लेकर क्रिकेट जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

जोनाथन ट्रॉट की जगह लेंगे गांगुली
गांगुली, इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट की जगह लेंगे, जो अब JSW स्पोर्ट्स के साथ क्रिकेट डायरेक्टर की भूमिका में रहेंगे। JSW ग्रुप, प्रिटोरिया कैपिटल्स की मूल कंपनी है और इसी समूह की मालिकाना हक वाली टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ भी गांगुली पहले से जुड़ चुके हैं।

कोचिंग में गांगुली का सफर
सौरव गांगुली के कोचिंग करियर की शुरुआत 2019 में दिल्ली कैपिटल्स के मेंटर के रूप में हुई थी। इस दौरान उन्होंने टीम के साथ रणनीति और नेतृत्व पर काम किया और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दिया। इसके बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिसके चलते उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स से नाता तोड़ लिया था।
एक कप्तान से कोच तक
गांगुली भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उन्होंने भारत को विदेशों में जीत की संस्कृति सिखाई और कई नए सितारों को मौका देकर टीम की नींव मजबूत की। अब कोच के रूप में उन्हें उसी रणनीतिक सोच और लीडरशिप स्किल्स को एक नई टीम के लिए इस्तेमाल करना होगा। प्रिटोरिया कैपिटल्स की टीम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि, “गांगुली का अनुभव और नेतृत्व हमारे लिए बेहद मूल्यवान होगा। हमें विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में टीम बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।” बता दें कि प्रिटोरिया कैपिटल्स, SA20 लीग की एक प्रमुख टीम है और JSW ग्रुप के लिए यह एक दीर्घकालिक निवेश है।
क्या कहता है यह कदम?
यह कदम न सिर्फ गांगुली के करियर में एक नया अध्याय खोलता है, बल्कि भारतीय कोचों के लिए भी एक नई दिशा दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय लीगों में भारतीय क्रिकेट मस्तिष्क की मांग बढ़ती जा रही है और गांगुली जैसे अनुभवी नेता का कोच बनना इसका प्रमाण है।
सौरव गांगुली की नई भूमिका क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों दोनों के लिए उत्साहजनक है। उनके रणनीतिक कौशल, अनुभव और लीडरशिप से प्रिटोरिया कैपिटल्स को मजबूती मिलने की उम्मीद है। SA20 लीग में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि “दादा” कोच की भूमिका में कितना सफल रहते हैं।
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