India Pakistan cricket: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा से ही राजनीति और कूटनीति से जुड़ा मुद्दा रहा है। खासकर जब बात द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों की आती है, तो भारतीय सरकार का रुख स्पष्ट और सख्त रहा है। हाल ही में मोदी सरकार की नीति को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि अब क्रिकेट खेलने के लिए भारत से ‘भीख’ नहीं मांगनी पड़ेगी।

एशिया कप 2025 से पहले एक बार फिर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट रिश्तों पर बहस तेज हो गई है। 14 सितंबर को संभावित भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पूरे देश में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का विरोध किया है। लेकिन सरकार की ओर से पहले ही यह साफ कर दिया गया है कि भारत सिर्फ बहुपक्षीय टूर्नामेंटों (जैसे एशिया कप, वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी) में पाकिस्तान से खेलेगा, लेकिन कोई द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं होगी।

मोहसिन नक़वी ने कहा – अब बराबरी की बात होगी
PCB प्रमुख और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने भारत के इस स्पष्ट रुख का स्वागत करते हुए कहा,
“अब हमें क्रिकेट खेलने के लिए किसी से भीख नहीं मांगनी पड़ेगी। हम अपनी बात स्पष्ट तरीके से रख चुके हैं। अब कोई समझौता नहीं होगा। जो होगा, बराबरी के स्तर पर होगा।”
उनका यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि पाकिस्तान क्रिकेट अब भारत की ‘स्वीकृति’ का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि बहुपक्षीय टूर्नामेंटों के जरिए दोनों देशों के बीच मुकाबले जारी रहेंगे।
भारत का रुख रहा सख्त
मोदी सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर निर्णायक कार्रवाई नहीं करता, तब तक किसी भी द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला की संभावना नहीं है। भारत हमेशा से यह मानता रहा है कि क्रिकेट जैसे खेल का इस्तेमाल पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि सुधारने के लिए करता है। इसीलिए, भारत ने बार-बार ऐसे प्रयासों का विरोध किया है।
क्या द्विपक्षीय सीरीज़ अब भी संभव है?
क्रिकेट फैंस के मन में अब भी यह सवाल है कि क्या भारत-पाकिस्तान के बीच कभी फिर से द्विपक्षीय सीरीज़ होगी? फिलहाल, इसके आसार न के बराबर हैं। सुरक्षा, कूटनीति और आतंकवाद जैसे मसलों के चलते भारत किसी भी तरह के द्विपक्षीय क्रिकेट रिश्ते के पक्ष में नहीं दिखता। हाइब्रिड मॉडल पर खेले गए एशिया कप से लेकर चैंपियंस ट्रॉफी तक, पाकिस्तान को बार-बार भारत के दबाव में झुकना पड़ा है। भारत की स्पष्ट नीति और वैश्विक मंच पर उसकी कूटनीतिक स्थिति ने पाकिस्तान क्रिकेट को मजबूर कर दिया है कि वह समझौतों और ‘भीख’ की जगह अब बराबरी की बात करे। एशिया कप और अन्य टूर्नामेंटों में दोनों टीमें जरूर टकराएंगी, लेकिन भारत के द्विपक्षीय क्रिकेट दरवाजे अभी बंद हैं। PCB का यह बयान उसी स्वीकार्यता का संकेत है।
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