Kalinga University Harassment : कलिंगा यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने सरकारी मंत्रालय, सचिवालय और अन्य सरकारी भवनों में मेंटेनेंस का कार्य करने वाले दो सुपरवाइजरों के खिलाफ छेड़खानी और धमकी देने की शिकायत राखी थाने में दर्ज कराई है। युवती ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि दोनों आरोपी, सत्यजीत राजपूत और अमित चंद्राकर, उनके रास्ते को रोककर अश्लील हरकतें करते थे और विरोध करने पर उन्हें धमकी देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई
छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने सत्यजीत राजपूत और अमित चंद्राकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है, जिनमें धारा 296 (डराना-धमकाना), 3(5), 351(2) (छेड़खानी), 74, 75(1), 78 शामिल हैं। ये धाराएं यौन उत्पीड़न, जबरन पीछा करने और धमकी देने जैसे अपराधों को कवर करती हैं।

छात्रा ने अफसरों के साथ आरोपियों के रसूख का भी किया हवाला
युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी अपनी नौकरी के प्रभाव का उपयोग कर उसके साथ उत्पीड़न करते थे। वे अफसरों के साथ पहुंच और रसूख दिखाकर उसे डराने-धमकाने की कोशिश करते थे। इस वजह से छात्रा ने लंबे समय तक इस समस्या को सहन किया, लेकिन अब उसने न्याय की गुहार लगाई है।
आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं, पुलिस ने की जल्द कार्रवाई का आश्वासन
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने बताया है कि युवती के बयान के आधार पर मामले की जांच तेज़ कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पीड़ित को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
सरकारी भवन में कार्यरत कर्मियों की भूमिका पर सवाल
सत्यजीत और अमित चंद्राकर कॉल मी सर्विस (CMS) कंपनी के सुपरवाइजर हैं, जो सरकारी भवनों में मेंटेनेंस का काम करते हैं। इस मामले ने सरकारी भवनों में कार्यरत कर्मियों की जिम्मेदारी और कर्तव्यों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी कर्मचारियों द्वारा इस तरह की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं।

छेड़खानी और धमकी के खिलाफ कानून कड़ा
देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मद्देनजर छेड़खानी, धमकी और यौन उत्पीड़न के मामलों में कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है। पुलिस ने भी इस मामले में गैर जमानती धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
कलिंगा यूनिवर्सिटी की छात्रा की बहादुरी से दर्ज हुई इस शिकायत से यह संदेश जाता है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और उत्पीड़न के खिलाफ खड़े हों। प्रशासन और पुलिस को भी इस तरह के मामलों में तेज और निष्पक्ष कार्रवाई करनी होगी ताकि महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।











