Ganeshotsav Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ठाकरे बंधुओं की एकता की तस्वीर सामने आई है। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे बुधवार को एक ही मंच पर दिखाई दिए। यह मुलाकात केवल पारिवारिक नहीं बल्कि आगामी मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखी जा रही है। उद्धव पहुंचे शिवतीर्थ, राज ने खुद दिया निमंत्रण राज ठाकरे के निवास ‘शिवतीर्थ’ में हर साल डेढ़ दिन का गणपति उत्सव आयोजित किया जाता है। इस बार राज ठाकरे ने स्वयं उद्धव ठाकरे को फोन कर आमंत्रित किया था। उद्धव ठाकरे अपने परिवार सहित यहां पहुंचे और गणपति बप्पा के दर्शन किए। खास बात यह रही कि उन्होंने दोपहर का भोजन भी राज ठाकरे के साथ किया।यह पहली बार था जब उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के नए निवास शिवतीर्थ में कदम रखा। पहले राज ठाकरे दादर के कृष्णकुंज में रहते थे, लेकिन अब तीन साल से शिवतीर्थ में रह रहे हैं। रिश्तों में आई गर्माहट: राज ठाकरे पहले पहुंचे थे मातोश्री ठाकरे बंधुओं के बीच संबंधों की बहाली की शुरुआत तब हुई जब 27 जुलाई को राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर मातोश्री पहुंचे थे। वर्षों बाद यह भावनात्मक मुलाकात हुई थी, जिसे राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत के रूप में देखा गया था। अब गणेश चतुर्थी पर उद्धव ठाकरे की शिवतीर्थ यात्रा ने इन अटकलों को और बल दिया है कि मनसे और ठाकरे गुट मुंबई BMC चुनाव में मिलकर उतर सकते हैं। क्या चुनावी गठबंधन की तैयारी है? राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की मुलाकातों से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए दोनों पार्टियां रणनीतिक गठबंधन की तैयारी में हैं। BMC चुनाव में यह गठजोड़ भाजपा और शिंदे गुट के लिए चुनौती बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगर यह गठबंधन होता है तो मुंबई की राजनीति में सत्ता समीकरण बदल सकते हैं। शिवतीर्थ में पहली बार उद्धव ठाकरे की एंट्री शिवतीर्थ, जहां कला और संस्कृति की झलक मिलती है, वहां उद्धव ठाकरे की यह पहली यात्रा थी। इससे पहले दोनों भाइयों के रिश्ते इतने तनावपूर्ण थे कि वे एक-दूसरे के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते थे। लेकिन अब माहौल बदला-बदला नजर आ रहा है। गणपति बप्पा के आशीर्वाद से खुल रही नए गठबंधन की राह? गणेश चतुर्थी के अवसर पर ठाकरे बंधुओं की यह मुलाकात केवल एक पारिवारिक समारोह नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों का संकेत मानी जा रही है। क्या शिवसेना (यूबीटी) और मनसे एकसाथ चुनाव लड़ेंगे? क्या ठाकरे परिवार फिर से एक हो रहा है? इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो चुकी है। Read More : Textile Export Strategy : अमेरिका के टैरिफ का जवाब देगा भारत, 40 देशों के साथ नई रणनीति, टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को मिलेगा नया बाज़ार
















