Trump Tariffs Illegal: अमेरिका की एक अपील कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट का गलत इस्तेमाल करते हुए आपातकालीन शक्तियों का सहारा लिया, जबकि उन्हें हर आयात पर असीमित टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं था। हालांकि, कोर्ट ने फैसले को अक्टूबर तक लागू करने से रोक दिया है, जिससे ट्रंप के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका रहेगा। इस बीच सभी टैरिफ अभी भी लागू रहेंगे।

ट्रंप का बयान – “टैरिफ हटे तो अमेरिका बर्बाद हो जाएगा”
फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कोर्ट के निर्णय की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा, “सभी टैरिफ लागू हैं। अपील कोर्ट ने गलत कहा कि टैरिफ हटाए जाने चाहिए। लेकिन अंत में अमेरिका जीतेगा।”

कोर्ट ने तय की टैरिफ की सीमा
अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रंप केवल 150 दिनों के लिए अधिकतम 15% टैरिफ लगा सकते हैं और वो भी तब जब साफ और ठोस कारण मौजूद हो। ट्रंप प्रशासन ने व्यापार घाटे, चीन और रूस से आयात, और घरेलू उद्योग की रक्षा जैसे कारणों से टैरिफ लगाए थे।
भारत को झटका
भारत पर ट्रंप प्रशासन ने 50% टैरिफ लगाया, जो 27 अगस्त से लागू हुआ है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, इससे भारत के ₹5.4 लाख करोड़ तक के निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विशेष रूप से कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, सी फूड, फर्नीचर जैसे उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे, जिससे 70% तक मांग में गिरावट की आशंका जताई गई है। इसका सीधा फायदा चीन, वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों को मिलेगा, जिन पर टैरिफ कम हैं।
रूसी तेल बना भारत पर टैरिफ का कारण
ट्रंप ने 6 अगस्त को घोषणा की थी कि भारत पर यह टैरिफ रूसी तेल की खरीद के कारण लगाया गया है। भारत अब रूस से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया है। 2023 में भारत ने रूस से 45% तक तेल आयात किया (20 लाख बैरल/दिन)
2025 के पहले सात महीनों में यह आंकड़ा 17.8 लाख बैरल प्रतिदिन रहा
पिछले दो वर्षों में भारत ने $130 अरब डॉलर (11.33 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा का तेल रूस से खरीदा .ट्रंप ने इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ बताते हुए इसे ट्रेड पेनल्टी में बदला और 7 अगस्त से भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ भी लगा दिया।
ट्रंप की टैरिफ नीति को कोर्ट से झटका जरूर मिला है, लेकिन भारत जैसे देशों पर इसका असर फिलहाल जारी रहेगा। अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के पक्ष में फैसला नहीं देता, तो अमेरिका की टैरिफ नीति में बड़ा बदलाव संभव है, जिससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है।










