Gujarat Congress : गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने प्रदेश के नवसारी और चोरयासी विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों सीटों पर गहन जांच के बाद फर्जी मतदान के कई मामले सामने आए हैं। चावड़ा का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की जा रही है।

कांग्रेस ने आरोपों का उठाया मुद्दा
अमित चावड़ा ने कहा, “लोकतंत्र में इस प्रकार की गड़बड़ियां लोकतंत्र की निष्पक्षता को खतरे में डाल रही हैं। एक व्यक्ति बार-बार वोट डाल रहा है, जो सीधे तौर पर वोटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि 6,09,592 मतदाताओं में से 2,43,836 मतदाताओं की जांच की गई, जिसमें 30,000 फर्जी वोट सामने आए। अगर पूरे निर्वाचन क्षेत्र की विस्तृत जांच की जाए, तो यह संख्या 75,000 तक जा सकती है।

वोट चोरी का तरीका
चावड़ा ने खुलासा किया कि वोट चोरी का तरीका बेहद जटिल और चालाकी से भरा हुआ है। उन्होंने बताया, “वोटरों की पहचान बदलकर या तिकड़मों से एक ही व्यक्ति से दो बार वोट डाले जा रहे हैं। इसके अलावा, नाम के एक अक्षर को बदलकर नया वोट दर्ज किया जा रहा है, अलग-अलग पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है, और कभी कभी तो भाषा या पता बदलकर नए वोट डाले जा रहे हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है, जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गहरा असर डालता है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि फर्जी मतदाताओं की पहचान की जाए और तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
वोटर अधिकार यात्रा का ऐलान
कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एक वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत करने का ऐलान किया है। अमित चावड़ा ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से लोग फर्जी वोटिंग और अपने वोटिंग अधिकारों के बारे में जागरूक होंगे। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की रक्षा और पारदर्शी चुनाव की मांग को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस अब कल से पूरे गुजरात में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकालेगी, जो जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी।”
चुनाव आयोग से अपील
कांग्रेस का कहना है कि अगर इस पर सही कार्रवाई की जाती है तो आगामी चुनावों में पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जा सकता है। चावड़ा ने चुनाव आयोग से अपील की कि वो फर्जी मतदान के मामलों की गहन जांच करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
गुजरात में कांग्रेस के आरोपों से राज्य की चुनाव प्रक्रिया पर एक और विवाद गहरा सकता है। यदि चुनाव आयोग इस पर कार्रवाई करता है, तो यह मतदान प्रक्रिया में सुधार और लोकतंत्र के सम्मान के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निश्चित रूप से इस मुद्दे को और तूल देगी, और इसे गुजरात विधानसभा चुनाव के संदर्भ में अहम बनाती है।










