Vice President Election 2025: भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चयन के लिए 9 सितंबर 2025 को मतदान होगा। इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है, क्योंकि NDA और INDIA गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। एक ओर जहां भाजपा नीत एनडीए ने तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं कांग्रेस और INDIA ब्लॉक ने सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है।

प्रधानमंत्री मोदी की रणनीति: 8 सितंबर को रात्रिभोज
चुनाव से ठीक एक दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 सितंबर को NDA सांसदों के लिए रात्रिभोज आयोजित करने का फैसला किया है। यह डिनर सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत कर एकजुटता और मतदान में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करना चाहेंगे।

उम्मीदवारों की प्रोफ़ाइल
सीपी राधाकृष्णन, जो लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे हैं, को तमिलनाडु और दक्षिण भारत में पार्टी की मजबूत पकड़ के रूप में देखा जाता है। वे झारखंड के पूर्व राज्यपाल रह चुके हैं और एक सुलझे हुए प्रशासक के रूप में पहचान रखते हैं। उनका अनुभव और संघ से नजदीकी उन्हें भाजपा के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद उम्मीदवार बनाते हैं।
वहीं दूसरी ओर, सुदर्शन रेड्डी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मुखर नेता माना जाता है। INDIA गठबंधन की ओर से उन्हें मैदान में उतारना विपक्ष की ओर से एकजुटता का प्रतीक है, खासकर दक्षिण और तेलंगाना क्षेत्र में विपक्षी वोट बैंक को जोड़ने की दृष्टि से यह एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
समीकरण और संभावनाएं
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य वोटिंग करते हैं। ऐसे में संख्या बल के हिसाब से अभी भी NDA की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन INDIA गठबंधन के अंदरूनी तालमेल और क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं भी नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं। विपक्ष इस चुनाव को 2026 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश देने का अवसर मान रहा है। 9 सितंबर 2025 को होने वाला उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक पद का चयन नहीं, बल्कि यह राजनीतिक गठबंधनों की ताकत, एकजुटता और भविष्य की दिशा तय करने वाला इम्तिहान भी है। प्रधानमंत्री मोदी का डिनर हो या विपक्ष की रणनीति—दोनों ही पक्ष इस चुनाव को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।










