NHM Workers Resignation: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लगभग 16 हजार संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी जिला NHM संघ के संगठन मंत्री अमन दास ने पुष्टि की है। वहीं, CMHO डॉ. मिथिलेश चौधरी ने कहा है कि कर्मचारियों का ज्ञापन लिया गया है, लेकिन उसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है।

दुर्ग जिले में भी करीब 850 NHM कर्मचारी सामूहिक इस्तीफे पर उतर आए हैं। छत्तीसगढ़ में NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल अब 18 दिन से लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इस सूची में NHM संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा और महासचिव कौशलेश तिवारी के नाम भी शामिल हैं।


कर्मचारी संगठन का विरोध और प्रदर्शन
NHM संविदा कर्मचारियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन सिस्टम के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बातचीत के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, इसलिए प्रदर्शन ही एकमात्र विकल्प बचा है, जिसे वे जारी रखेंगे। कर्मचारियों ने अलग-अलग तरीकों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के मुखौटे पहनकर नारेबाजी और डांस किया। यहां तक कि सरकार को खून से लेटर लिखकर अपनी व्यथा भी व्यक्त की है।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी हड़ताल
छत्तीसगढ़ के NHM संविदा कर्मचारी 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं। उनकी 10 सूत्रीय मांगों में वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, बेहतर कार्य परिवेश और सुविधाएं शामिल हैं। सरकार ने कुछ मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है।
सरकार ने सोमवार को हड़ताल पर बैठे सभी NHM कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश दिया था। आदेश नहीं मानने पर बर्खास्तगी की चेतावनी दी गई थी। इसका विरोध करते हुए मंगलवार को कर्मचारी स्वास्थ्य संचालनालय पहुंचे और आदेश की प्रति जला दी।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
NHM कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों पर कामकाज ठप हो गया है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ भी हड़ताल के कारण महामारी और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में व्यवधान को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन का कड़ा रुख
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारी हड़ताल जारी रखेंगे तो सख्त कार्रवाई होगी। बुधवार को 25 कर्मचारियों की बर्खास्तगी इसी कार्रवाई का हिस्सा है। विभाग का मानना है कि संविदा कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
आगे की रणनीति क्या होगी?
NHM संविदा कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के नेताओं का भी यही बयान है कि सरकार को दबाव में लाने के लिए ही ये कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कर रहा है लेकिन कड़ी कार्रवाई भी जारी रखने की तैयारी में है।
छत्तीसगढ़ में NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल अब 18वें दिन में प्रवेश कर चुकी है और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। सरकार और कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है, जिसका समाधान निकट भविष्य में खोजा जाना आवश्यक है ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं फिर से सुचारू रूप से मिल सकें।











