Navya Drugs Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन और दिल्ली से मंगाई गई MDMA की सप्लाई के मामले में गिरफ्तार की गईं इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और विधि अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।



इसके साथ ही ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े ऋषि राज टंडन, मोनू बिश्नोई और हर्ष आहूजा को भी कोर्ट में पेश किया गया। हैरानी की बात यह रही कि रायपुर पुलिस ने किसी भी आरोपी की रिमांड की मांग नहीं की, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि अब तक की पूछताछ में पुलिस को पुख्ता सबूत मिल चुके हैं।
चेहरा छिपाती नजर आई ‘ड्रग्स क्वीन’
कोर्ट में पेशी के दौरान नव्या मलिक ने अपना चेहरा छुपाने की कोशिश की। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं।
850 रईसजादों की पहचान, बड़ी गिरफ़्तारियां संभव
जांच के दौरान पुलिस को इस ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लगभग 850 रईसजादों के नाम मिले हैं। इनमें होटल कारोबारियों, व्यापारियों और राजनेताओं के बेटे भी शामिल हैं। पुलिस इन सभी की पहचान कर रही है और आने वाले दिनों में कई बड़ी गिरफ़्तारियां हो सकती हैं।
ड्रग्स नेटवर्क में युवतियों की सक्रिय भूमिका
इस केस में दो युवतियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नव्या मलिक ने दिल्ली से MDMA मंगाकर रायपुर के अमीर युवाओं तक पहुंचाई, जबकि पंजाब निवासी लवजीत सिंह और रायपुर के रुपिंदर उर्फ पाब्लो ने पाकिस्तान से हेरोइन की खेप मंगाई।
MDMA और हेरोइन खरीदने वालों की लिस्ट तैयार
पुलिस ने नव्या मलिक और रुपिंदर से पूछताछ के आधार पर उन लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है, जो ड्रग्स खरीदते थे। इसमें कई रसूखदार नाम सामने आए हैं। अब इस नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की जांच की जा रही है। ड्रग्स तस्करी में मदद करने वालों पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला केवल एक ड्रग्स तस्करी का नहीं, बल्कि समाज के ऊपरी तबके में फैले नशे के जाल का खुलासा करता है। रायपुर पुलिस की कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े चेहरों को बेनकाब कर सकती है।










