Raju Khan Assets: छत्तीसगढ़ में टेरर फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक अहम कदम उठाते हुए राजू खान की 6.34 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है। राजू खान पर आरोप है कि वह पाकिस्तान से आतंकी संगठनों को मिलने वाले फंड को भारत में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाने का काम करता था। उसका संबंध प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से था।

पाकिस्तानी खालिद से था संपर्क
ED की जांच के मुताबिक, राजू खान का सीधा संपर्क पाकिस्तान निवासी खालिद से था। खालिद के इशारे पर भारत में धीरज साहू उर्फ धीरज कुमार सहित कई लोगों के जरिए नकद रकम बैंकों में जमा करवाई जाती थी। फिर यह पैसा कई खातों के जरिए राजू खान, जुबैर हुसैन और आयशा बानो तक पहुंचाया जाता था।

राजू खान के खाते में आए थे 48.82 लाख रुपए
जांच में सामने आया कि राजू खान के खाते में कुल 48.82 लाख रुपए नकद जमा हुए थे। इनमें से 42.47 लाख रुपए उसने आतंकी संगठनों से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचाए। इस काम के बदले में वह 13% कमीशन के तौर पर 6.34 लाख रुपए अपने पास रखता था। ED ने इसी रकम को अवैध आय मानते हुए उसकी संपत्ति जब्त की है।
खमतराई थाने की FIR के आधार पर कार्रवाई
ED ने यह कार्रवाई रायपुर के खमतराई थाने में दर्ज FIR के आधार पर की है। FIR में राजू खान के साथ-साथ धीरज साहू और अन्य आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था। FIR के अनुसार, यह नेटवर्क वर्षों से देशविरोधी गतिविधियों में सक्रिय था।
अब तक कुल 9.15 लाख रुपए की संपत्ति जब्त
ईडी ने इस मामले में अब तक कुल 9,15,836 रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। एजेंसी का कहना है कि ये सारी रकम आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्राप्त अवैध आय है। आगे भी संपत्ति की पहचान कर जब्ती की प्रक्रिया जारी रहेगी।
2013 से था वॉन्टेड, 2021 में हुई थी गिरफ्तारी
राजू खान साल 2013 से रायपुर पुलिस की वॉन्टेड लिस्ट में था। दिसंबर 2021 में उसे बंगाल से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उसका साथी धीरज साहू पहले ही 2013 में पकड़ा जा चुका था। राजू खान की गिरफ्तारी के बाद से ही उसके नेटवर्क और टेरर फंडिंग चैनल की जांच तेज कर दी गई थी।
राजू खान के खिलाफ ईडी की यह कार्रवाई न केवल टेरर फंडिंग नेटवर्क को बेनकाब करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आतंकवादी गतिविधियों के लिए देश के भीतर से भी सहयोग मिल रहा है। एजेंसी की अगली कार्रवाई में और भी बड़े खुलासे संभव हैं।
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